
पोकरण. शिवपुरा में बंद मिली अन्नपूर्णा रसोई। पत्रिका
पोकरण. कस्बे में संचालित अन्नपूर्णा रसोई में लच्चर व्यवस्था के कारण जरुरतमंदों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालात यह है कि शुक्रवार को जब पालिकाध्यक्ष ने रसोई का निरीक्षण किया तो तीन में से एक रसोई बंद मिली। दो में व्यवस्थाएं सही नहीं थी। गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से जरुरतमंदों को कम कीमत पर भोजन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अन्नपूर्णा रसोई योजना शुरू की गई है। जिसके अंतर्गत कस्बे में शिवपुरा कॉलोनी, रामदेव कॉलोनी व अंबेडकर भवन में तीन रसोइयों का संचालन किया जा रहा है। शुक्रवार को नगरपालिका अध्यक्ष कल्पना रंगा व राजस्व अधिकारी रामस्वरूप गुचिया ने तीनों रसोइयों का निरीक्षण किया। शिवपुरा कॉलोनी में स्थित अन्नपूर्णा रसोई पर ताला लटका हुआ था। रसोई पूरी तरह से बंद होने पर पालिकाध्यक्ष रंगा ने नाराजगी जताई और कार्रवाई को लेकर निर्देशित किया।
इसके बाद पालिकाध्यक्ष रंगा व राजस्व अधिकारी गुचिया ने रामदेव कॉलोनी व रामदेवरा रोड पर अंबेडकर भवन में संचालित अन्नपूर्णा रसोई का भी निरीक्षण किया। यहां खाना बनाने वाली महिलाएं उपस्थित थी, लेकिन ऑपरेटर गायब थे। दोनों जगहों पर भोजन तैयार मिला। जिसकी गुणवत्ता की जांच की तो सही पाए गए। पालिकाध्यक्ष ने अन्नपूर्णा रसोइयों में सफाई व्यवस्था को लेकर रोष जताया। उन्होंने रसोई संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई करने, अनुपस्थित ऑपरेटर को हटाने, सफाई व्यवस्था सुधारने, रसाइयों में प्रतिदिन का मीनू लगाने को लेकर निर्देश दिए।
लाठी @ पत्रिका. राजस्थान के कई जिलों में अपर्याप्त बारिश के कारण अकाल जैसे हालात हैं। चारे की कमी और बढ़ते दामों ने पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस संकटकाल में कुछ लोग पशुपालकों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। वे गोवंश को भादरिया शाला पहुंचाने के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं, लेकिन गोवंश को बीच रास्ते में ही छोड़कर चले जाते हैं। इससे चारे-पानी के अभाव में बेसहारा गोवंश की मौत हो रही है। गांव-गांव जाकर पशुपालकों से संपर्क कर ये लोग गोवंश को गोशाला में छोड़ने का भरोसा देते हैं और पैसे लेते हैं, लेकिन गोवंश को रास्ते में ही छोड़ देने से समस्या का समाधान नहीं हो रहा, बल्कि बेजुबान पशुओं की जान संकट में पड़ रही है। भादरिया गोशाला का संचालन कर रही जगदम्बा सेवा समिति न्यास के सचिव जुगल किशोर आसेरा ने पशुपालकों से ऐसे लोगों के साथ गोवंश न भेजने की अपील की है। न्यास के सदस्य अशोक कुमार सोडाणी ने बताया कि गोशाला में बीमार, आवारा और सड़क हादसों में घायल गोवंश को भर्ती किया जाता है। ऐसे गोवंश को गोशाला तक पहुंचाने के परिवहन के लिए कोई राशि नहीं ली जाती।
Updated on:
09 Oct 2026 08:21 pm
Published on:
09 Oct 2026 08:21 pm
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