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चिकित्साकर्मी रिलीव करने पर अड़े,पैरामेडिकल स्टाफ ने सीएमएचओ कार्यालय पर किया विरोध प्रदर्शन

राज्य सरकार की ओर थोकबंद किए गए स्थानांतरणों में जैसलमेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत 79 चिकित्साकर्मी भी शामिल हैं। इन कार्मिकों ने उन्हें रिलीव करने के लिए गत दिनों से मोर्चा खोल रखा है। गुरुवार को पैरामेडिकल स्टाफ सदस्यों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 3 Oct 2019, 8:37 PM IST

Paramedical staff protests at CMHO office for relive in jaisalmer

चिकित्साकर्मी रिलीव करने पर अड़े,पैरामेडिकल स्टाफ ने सीएमएचओ कार्यालय पर किया विरोध प्रदर्शन

जैसलमेर. राज्य सरकार की ओर थोकबंद किए गए स्थानांतरणों में जैसलमेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत 79 चिकित्साकर्मी भी शामिल हैं। इन कार्मिकों ने उन्हें रिलीव करने के लिए गत दिनों से मोर्चा खोल रखा है। गुरुवार को पैरामेडिकल स्टाफ सदस्यों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। सीएमएचओ डॉ. बीके बारूपाल ने जिला कलक्टर के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि, जब तक स्थानांतरित किए गए कार्मिकों का रिलीवर यहां नहीं आता तब तक उन्हें रिलीव नहीं किया जा सकता। इससे नाराज कार्मिकों ने विरोध का इजहार किया। उन्होंने कहा कि उनके यहां से जाने के बाद रिक्त हुए स्थानों पर सरकार नए कार्मिकों को भेजेगी। वे वर्षों से अपने गृह जिलों से बाहर सीमावर्ती जिले में सेवाएं दे रहे हैं, अब चूंकि उन्हें राज्य सरकार ने स्थानांतरित कर दिया है तो उन्हें रिलीव क्यों नहीं किया जा रहा? उन्होंने इस संबंध में जिला कलक्टर से भी भेंट की।
व्यवस्था संभालने पुलिस बुलाई
गुरुवार को नाराज कार्मिकों के प्रदर्शन के मद्देनजर चिकित्सा प्रशासन ने सीएमएचओ कार्यालय पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस जाब्ते ने भी विरोध प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों से शांति बनाए रखने की अपील की। मीडिया से बातचीत करते हुए पैरामेडिकल स्टाफ के सदस्यों ने कहा वे विगत कई वर्षों से जैसलमेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अपने गृह जिलों से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर सेवाएं दे रहे हैं। इतने सालों बाद उनका स्थानांतरण किया गया है, लेकिन चिकित्सा प्रशासन उन्हें रिलीव नहीं कर रहा। यह उनके साथ अन्याय है।
जिला हो जाएगा खाली
दूसरी ओर जिला प्रशासन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सामने परेशानी यह है कि अगर सभी चिकित्सकों और अन्य कार्मिकों को रिलीव कर दिया जाएगा तो ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से बदहाल चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाएगी। यही वजह है कि जिला कलक्टर ने जवाहर चिकित्सालय और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित चिकित्सकों व अन्य स्टाफ सदस्यों को रिलीव नहीं करने के लिए कहा है। सीएमएचओ डॉ. बीके बारूपाल ने बताया कि जिस चिकित्सक अथवा स्टाफ सदस्य का रिलीवर आएगा, उसे तुरंत रिलीव कर दिया जाएगा। अभी तक एक भी रिलीवर यहां नहीं पहुंचा है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत 18चिकित्सकों समेत एएनएम, जीएनएम, फार्मासिस्ट आदि कुल 79 कार्मिकों के तबादले कर दिए हैं।