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ऊंट-ऊंटनियों का किया पोस्टमार्टम, जांच शुरू

ऊंट-ऊंटनियों का किया पोस्टमार्टम, जांच शुरू
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 27 Jun 2021, 12:46 PM IST

ऊंट-ऊंटनियों का किया पोस्टमार्टम, जांच शुरू

ऊंट-ऊंटनियों का किया पोस्टमार्टम, जांच शुरू

पोकरण. क्षेत्र के सेलवी गांव के पास मालगाड़ी की चपेट में आने से हुई नौ ऊंट-ऊंटनियों की मौत के बाद शनिवार को पशुपालन विभाग की टीम ने मौका मुआयना कर मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया तथा जांच शुरू की। गौरतलब है कि गुरुवार शाम कुछ ऊंट व ऊंटनियां सेलवी स्थित नाडी के पीछे चर रहे थे। इस दौरान अचानक जैसलमेर की तरफ से आ रही एक मालगाड़ी के कारण उनमें अफरा तफरी मच गई। एक तरफ मंदिर की दीवार व दूसरी तरफ तारबंदी होने के कारण ऊंट-ऊंटनियां रेल की चपेट में आ गए तथा नौ की मौत हो गई। इस संबंध में शनिवार को सुबह सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ.सुरेन्द्रसिंह तंवर टीम के साथ मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि मौके पर नौ ऊंट-ऊंटनियां मृत मिले। जिनका पोस्टमार्टम किया गया तथा जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भिजवाई गई है। सूचना पर शनिवार को सुबह हेड कांस्टेबल खेतसिंह सांखला भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तथा मृत ऊंट-ऊंटनियों को रेलवे ट्रेक व आबादी से दूर करवाया, ताकि क्षेत्र के लोगों को दुर्गंध से कोई परेशानी नहीं हो।
यूं होते है हादसे
जोधपुर खंड के अंतर्गत पोकरण से जैसलमेर तक स्थित गांवों की आबादी के दूसरी तरफ रेल पटरियां निकल रही है। खेतोलाई, धोलिया, लाठी, चांधन, ओढ़ाणिया आदि पशु बाहुल्य क्षेत्र हैै। एक तरफ आबादी क्षेत्र होने तथा दूसरी तरफ रेल पटरियों के आसपास ओरण व गोचर भूमि स्थित है। ऐसे में पशु रेलवे पटरियों के आसपास चरते है। पटरियों पर सुरक्षा के लिए तारबंदी आदि की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में रेल या मालगाड़ी के आने पर तेज हॉर्न की आवाज से पशुओं में अफरा तफरी मच जाती है तथा रेल की चपेट में आने से उनकी मौत हो जाती है।
पूर्व में भी हो चुके है हादसे
इस रेल खंड पर पूर्व में कई बार ऐसे हादसे हो चुके है। प्रत्येक माह दर्जनों पशुओं की रेल की चपेट में आने से मौत हो जाती है। विशेष रूप से लाठी-धोलिया के बीच आए दिन हादसे होते है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से पशुओं की सुरक्षा को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे आए दिन पशु काल का ग्रास हो रहे है। गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व धोलिया गांव के पास कुछ गायों की रेल की चपेट में आने से मौैत हो जाने पर जिला कलक्टर ने एक टीम का गठन कर मौके पर भेजा था। टीम ने यहां जांच कर सुरक्षा के उपाय करने पर चर्चा की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके कारण हादसों व मौतों का सिलसिला लगातार जारी है।