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45 डिग्री तापमान में 600 किलोमीटर पैदल या रेंगकर पहुंच रहे रामदेवरा

-न शारीरिक पीड़ा और न ही भूख व प्यास, बस दर्शन की आस-रेत के समंदर में बसा खूबसूरत धार्मिक स्थल देश-दुनिया में बना आस्था का केंद
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 23 Apr 2022, 10:16 PM IST

45 डिग्री तापमान में 600 किलोमीटर पैदल या रेंगकर पहुंच रहे रामदेवरा

45 डिग्री तापमान में 600 किलोमीटर पैदल या रेंगकर पहुंच रहे रामदेवरा

दीपक व्यास/राजेन्द्र सोनी- रामदेवरा (जैसलमेर). सवाई माधोपुर से रामदेवरा तक 600 किमी का रास्ता 45 डिग्री में तय कर 65 साल के बुजुर्ग केशवदास दंडवत यात्रा कर रामदेवरा आ रहे है। वे नागौर से रामदेवरा के बीच पहुंचे है। उनका कहना कि वो बाबा की तपस्या कर रहे हैं और उनकी कोई मन्नत नहीं है। वे दो महीने पहले अपने गांव से दंडवत यात्रा पूरी करने के लिए निकले थे। अब तक उनकी आधी यात्रा पूरी हो गई है। यह नजारा इन दिनों रामदेवरा मार्ग पर देखना आम हो गया है। पाक सीमा से सटे सरहदी जैसलमेर जिले का प्रमुख धार्मिक स्थल और रेगिस्तान में बसा खूबसूरत गांव रामदेवरा...। यहां लोकदेवता के रूप में विख्यात बाबा रामदेव का समाधिस्थल अब विशाल व आधुनिक सुविधाओं से युक्त मंदिर में तब्दील हो चुका है। हिन्दुओं के लिए वे बाबा रामदेव है तो मुस्लिम बंधु उन्हें रामसा पीर कहकर पुकारते हैं। यहां आने वाले दर्शनार्थियों में हर जाति-धर्म के लोग शामिल रहते हैं। इन दिनों सरहद से सटे रेगिस्तानी जिले में आसमान से आग बरस रही है और तापमान करीब 45 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। प्रचंड गर्मी का सितम ऐसा कि सड़क पर बिछा तारकोल भी गला दे। तो पानी को भी उबला दे.... लेकिन थार की यह गर्मी न तो दर्शनार्थियों के तन-मन को झकझोर पा रही है और न ही उनके हौसलों को ही हिला पा रही है। विषम मौसम में भी इन दिनों देश-प्रदेश के कई स्थानों से श्रद्धालु बाबा रामदेव की साधना करते हुए खुद को कष्ट देते हुए पहुंच रहे हैं। सैकड़ों से हजारों किमी का सफर कोई श्रद्धालुओं में ऐसे भी कई श्रद्धालु शामिल है, जिनमें पैदल तो कोई कनक दंडवत तो कोई पीठ के बल रेंगकर या फिर लुढ़कते हुए रामदेवरा आ रहे हैं। प्रतिकूल मौसम में शारीरिक व मानसिक परेशानियों पर आस्था व हौसला भारी पड़ रहा है। उन्हें न भूख व प्यास की परवाह है, उन्हें तो बस मंदिर में दर्शनों की चाह हैं।
21 दिन में पहुंचे बाबा के द्वार
गत दिनों 75 वर्षीय अजीत भाटिया अहमदाबाद से रामदेवरा तक 650 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल पूरा किया और बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन किए। अहमदाबाद निवासी अजीत भाटिया ने बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन करने के लिए 11 मार्च को अपना सफर शुरू किया था। नंगे पांव बीच सड़क पर चलते हुए बाबा के भजन कीर्तन करते हुए महज 21 दिनों में यहां पहुंचे
विपरीत मौसम में भी अनूठा जज्बा
गत दिनों 430 किमी की दूरी लुढ़कते हुए 3 महीने 3 दिन में तय कर नेनु बैन आबूरोड से रामदेवरा पहुंची। भक्ति की शक्ति के चलते नेनु बैन ने आबूरोड़ के उमरनी गांव से अपनी रामदेवरा तक की लुढ़कते हुए 12 सितंबर 2021 से अपनी यात्रा आरंभ की, जो 3 महीने 3 दिन बाद पूरी हुई। जब नेनु बैन लुढ़कते हुए रामदेवरा पहुंची तो उन्हे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उनके साथ करीब दो दर्जन लोग साथ चल रहे थे। रोजाना 4 से 5 किमी लुढ़कते हुए नेनु बैन ने अपनी धार्मिक यात्रा पूरी की। इसी तरह बीकानेर के लूणकरण तहसील के लालेरा गांव निवासी सहीराम ने 9 महीने लगातार पेट के बल रेंगकर गत दिनों रामदेवरा तक 330 की यात्रा की।
जन-जन की आस्था का केन्द्र
-बाबा रामदेव का चैत्र सुदी पंचमी, विक्रम संवत 1409, रामदेवरा में अवतरण हुआ था। -उन्होंने 33 साल की उम्र में ***** सुदी एकादशी, विक्रम संवत 1442 को रामदेवरा में समाधि ली।
-उनकी समाधि पर ही उनका समाधि स्थल बनाया गया हैं।
-साल में एक बार रामदेवरा में भव्य वार्षिक मेला लगता हैख् जो ***** शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से एकादशी तक 11 दिन लगातार भरता है।
-अन्य दिनो में माघएचैत्र और आसोज सुदी को भी बाबा रामदेव के मेले लगते है।
रामदेवरा: तब और अब
रामसरोवर तालाब को राज्य सरकार ने करीब एक दशक पहले इंदिरा गांधी नहर से जोड़ा। अब रामसरोवर पूरे साल पानी से भरा रहता है। इसके साथ ही करोड़ो की लागत से रामदेवरा- पोकरण रोड पर बाबा रामदेव के जीवन पर पैनोरमा का निर्माण करवाया गया हैं। रुणीचा कुआ, पंच पीपली सहित कई स्थान है।

फैक्ट फाइल-
-50 लाख श्रद्धालु हर वर्ष पहुंचते हैं बाबा के द्वार
-300 धर्मशालाएं मौजूद हैं श्रद्धालुओ के रुकने लिए
-100 होटल होटल और रेस्टोरेंट्स की सुविधा है दर्शनार्थियों के लिए
-2 दर्जन के करीब बसें रामदेवरा से जुड़ी है विभिन्न रूट से
-11 ट्रेनों से प्रतिदिन श्रद्धालु करते हैं आवागमन
-500 दुकानें संचालित हो रही है इन दिनों रामदेवरा में

करवाए जा रहे विकास कार्य
रामदेवरा लोकदेवता बाबा रामदेव का समाधि स्थल है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से पूरे साल लाखो श्रद्धालु रामदेवरा आते हैं। बाबा रामदेव के वार्षिक मेले के दौरान ग्राम पंचायत श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं करती हैं। रामदेवरा के विकास के लिए ग्राम पंचायत की ओर से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।
-समंदरसिंह तंवर, सरपंच, ग्राम पंचायत, रामदेवरा ( जैसलमेर)