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पहियों तले कुचल रहे नियम, मालवाहक पहियों पर मौत का सफर

- ट्रैक्टर, जुगाड़, पिकअप व अन्य वाहनों में आ रहे जातरु, यात्री वाहन भी ओवरलोड- राज्य की सीमा व कई जिले पार करने के बाद भी नहीं होती कार्रवाई
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 29 Aug 2021, 8:52 PM IST

पहियों तले कुचल रहे नियम, मालवाहक पहियों पर मौत का सफर

पहियों तले कुचल रहे नियम, मालवाहक पहियों पर मौत का सफर


पोकरण/रामदेवरा. नियम भी है और उनके क्रियान्वयन की व्यवस्था भी तथा इन्हें लागू करवाने वाले भी है, लेकिन कमी है, तो मात्र अधिकारियों की कार्यशैली व इच्छाशक्ति में। जिससे बस हो या टैक्सी अथवा ट्रक, पिकअप व मालवाहक वाहन, सरपट ओवरलोड दौड़ रहे है। परिवहन व पुलिस की सख्ती के बावजूद नियमों को दरकिनार करने वालों की कमी नहीं है। प्रतिदिन दौड़ते ओवरलोड वाहन दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहे है। गौरतलब है कि इन दिनों ***** मेले से पूर्व रामदेवरा में स्थित लोकदेवता बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाहनों में ऊपर नीचे भरकर यहां से गुजर रहे है। जिन्हें रोकने के लिए न तो पुलिस, न ही परिवहन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे आए दिन हादसे हो रहे है।
हादसों से भी नहीं चेत रहे जिम्मेदार
रामदेवरा मेले के मौके पर विशेष सतर्कता की जरूरत है। बावजूद इसके न तो पुलिस प्रशासन के पुख्ता प्रबंध है और न वाहन चालक बाज आ रहे है। दूरदराज से आने वाली बसों, ट्रकों, पिकअप व अन्य वाहनों को रोकने के कोई पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आ रहे है। जबकि ऐसे ओवरलोड वाहनों से आए दिन हादसे हो रहे है। दो दिन पूर्व ही लवां गांव के पास एक पिकअप का टायर फट जाने से वह पलट गई तथा 27 जने घायल हो गए। कई बार ऐसे हादसों में लोग अपनी जान भी गंवा बैठते है, लेकिन ओवरलोड वाहनों पर नकेल नहीं कसी जा रही है।
प्रयास नजर आ रहे बौने
बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनोंं के लिए देश के कई राज्यों व प्रदेश के कई हिस्सों से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते है। ये श्रद्धालु राज्यों की सीमाओं के साथ कई जिलों को पार करते हुए यहां आते है। प्रत्येक जिले की सीमाओं, राष्ट्रीय राजमार्गों व अन्य जगहों पर पुलिस बल तैनात रहते है, लेकिन ऐसे वाहनों को रोकने की जहमत नहीं उठाते। इसी प्रकार पोकरण से रामदेवरा जाने वाले मार्ग पर भी यातायात पुलिस तैनात रहती है। पोकरण कस्बे में जैसलमेर रोड, जोधपुर रोड सहित मुख्य मार्गों पर यातायातकर्मी व पुलिस देखी जा सकती है, लेकिन उनकी ओर से भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बाबा की दुहाई भारी
रामदेवरा मेले में आने वाले बाहरी वाहनों के मामले में यातायात नियमों पर बाबा की दुहाई भारी पड़ रही है। ऐसे वाहनों को यदि पुलिस पकड़ती भी है, तो श्रद्धालु आगे आ जाते है और बाबा की दुहाई देकर कार्रवाई नहीं करने की मिन्नते करने लगते है। मेले में जाकर आने व श्रद्धालु होने के चलते पुलिस भी मजबूरन कागजी कार्रवाई में उलझना नहीं चाहती। इसी कारण अधिकतर वाहनों के मामले में इन दिनों खासी नरमी बरती जा रही है।
फैक्ट फाइल:-
- 1500 से अधिक वाहन आते है प्रतिदिन रामदेवरा
- 50 से अधिक यात्री बसें ओवरलोड होती है संचालित
- 1000 से अधिक छोटे, दुपहिया व मालवाहक वाहन निकलते है ओवरलोड
- 300 से अधिक ट्रैक्टर प्रतिदिन सवारियों से भरकर आते है रामेदवरा
- 12 से अधिक दुर्घटना हो चुकी है अब तक