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JAISALMER NEWS- एक छलांग में आकाश नापने वाले तार में उलझ हो रहे मौत का शिकार, शोक मग्न यह जगत

विद्युत तार में उलझने से गिद्ध व एक अन्य पक्षी की मौत
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जैसलमेर

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Jitendra Kumar Changani

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Updated: 5 Mar 2018, 9:04 PM IST

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जैसलमेर . दूर तक नजर आने वाले आकाश को एक बार में ही नापने वाले पक्षियों के राजा की मौत पतले से तार ले रहे है। जिले के धोलिया-लाठी क्षेत्र में शुरू हुआ गिद्धराज की मौत का सिलसिला नहीं थमने से वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर है और उन्होंने विलुप्त हो रहे गिद्ध को बचाने के लिए विद्युत तारों से पक्षी ना टकराये इसके लिए पुख्ता प्रबंधन करने की मांग की है। गौरतलब है कि एक बार फिर तार की चपेट में आने से धोलिया में गिद्ध की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। जिससे यहां के वन्यजीव प्रेमियों ने रोष जताया है। इन दिनों लाठी-धोलिया क्षेत्र में बड़ी संख्यां में गिद्ध मंडरा रहे है। जिससे यहां इनकी संख्यां में इजाफा होने से हर कोई खुश है, लेकिन हॉल ही के महिनों में इनकी लगातार हो रही अकाल मौत ने यहां के वन्यजीव प्रेमियों को चिंता को बढ़ा दिया है।

IMAGE CREDIT: patrika

तार में उलझने से गिद्ध व एक अन्य पक्षी की मौत

पोकरण क्षेत्र के धोलिया गांव के पास विद्युत तारों में उलझकर एक गिद्ध व एक अन्य पक्षी का मौत हो गई। गौरतलब है कि धोलिया व लाठी गांव के पास बड़ी संख्या में गिद्ध, गोडावण व अन्य दुर्लभ प्रजाति के पक्षी पाए जाते हैं। ये पक्षी रात्रि के समय पानी पीने के लिए धोलिया, खेतोलाई आदि गांवों के तालाबों व जीएलआर पर जाते हैं। गांव के आसपास क्षेत्र में हाईटेंशन विद्युत लाइनें निकल रही हैं। रात्रि के समय विद्युत तारें दिखाई नहीं देने पर ये पक्षी उनमें उलझ जाते हैं तथा करंट से उनकी मौत हो जाती है। इन्हीं तारों की चपेट में आने से दो दिन पूर्व एक गिद्ध व एक अन्य पक्षी की मौत हो गई। वन्यजीवप्रेमी राधेश्याम पेमाणी ने बताया कि पूर्व में विद्युत निगम अधिकारियों की ओर से धोलिया व खेतोलाई के पास विद्युत तारों पर रिफ्लेक्टरयुक्त बर्ड डाइवर्टर लगाने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन कुछ जगहों पर डाइवर्टर लगाने के बाद कार्य को बंद कर दिया गया। जिससे यहां आए दिन विद्युत तारों में उलझने से पक्षियों की मौत हो रही है।