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स्वर्णनगरी में पानी का संकट गहराया, स्रोत से नलों तक बिगड़ा आपूर्ति का पूरा गणित

जैसलमेर में जलसंकट की वजह सिर्फ पानी की कमी नहीं, बल्कि आपूर्ति व्यवस्था की कमजोर कड़ियां भी हैं। मोहनगढ़ हेडवर्क्स पर वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से पंपिंग प्रभावित हो रही है, जबकि शहर में 96 से 120 घंटे के अंतराल पर पानी मिल रहा है। भीतरी शहर की संकरी गलियों तक टैंकर नहीं पहुंचने और मांग-आपूर्ति के अंतर ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
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जैसलमेर. भीतरी शहर में टैंकर नहीं पहुंचने से बढ़ रही पेयजल समस्या।

जैसलमेर. शहर में पानी की किल्लत का संकट केवल कम आपूर्ति का नहीं, बल्कि स्रोत से लेकर घरों तक पानी पहुंचाने की पूरी व्यवस्था का है। मोहनगढ़ हेडवर्क्स पर वॉल्टेज में उतार-चढ़ाव से पंपिंग प्रभावित हो रही है, वहीं शहर में 96 से 120 घंटे के अंतराल पर जलापूर्ति लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। भीतरी शहर की संकरी गलियों में टैंकर नहीं पहुंचने से वैकल्पिक व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है। जलदाय विभाग के आंकड़े इस दबाव की तस्वीर सामने रखते हैं। शहर की प्रतिदिन की खपत करीब 18 मिलियन लीटर (एमएल) है, जबकि गत 4 अक्टूबर को मोहनगढ़ में 12.006 एमएल पानी का उत्पादन दर्ज किया गया। ऐसे में चुनौती केवल पानी का उत्पादन बढ़ाने की नहीं, बल्कि उपलब्ध जलराशि का भंडारण, वितरण और अंतिम छोर तक समान रूप से पहुंच सुनिश्चित करने की भी है।

17 दिनों के आंकड़े में दिखा उत्पादन का उतार-चढ़ाव

मोहनगढ़ पंप हाउस की रिपोर्ट के अनुसार 17 दिनों में कुल 300 घंटे 50 मिनट पंपिंग हुई और 204.71 मिलियन लीटर जल उत्पादन दर्ज किया गया। गत 22 सितंबर को उत्पादन 16.008 एमएल था, जबकि 27 सितंबर को 8.526 एमएल और 28 सितंबर को घटकर 8.432 एमएल रह गया। तीन अक्टूबर को 21 घंटे पंपिंग के दौरान 14.616 एमएल पानी का उत्पादन हुआ। इसी तरह गत 4 अक्टूबर को 17 घंटे 30 मिनट पंपिंग से 12.006 एमएल और 5 अक्टूबर को 18 घंटे 30 मिनट पंपिंग से 12.736 एमएल उत्पादन दर्ज किया गया।

वॉल्टेज की समस्या से पंपिंग पर असर

जलदाय विभाग के अनुसार मोहनगढ़ हेडवर्क्स पर बिजली के वॉल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या बनी रहती है। इसके समाधान के लिए स्टेबलाइजर लगाने की प्रक्रिया की जा रही है। विभाग को उम्मीद है कि इससे पंपिंग व्यवस्था में सुधार होगा।

हकीकत: भीतरी शहर में टैंकर भी नहीं बन पा रहे सहारा

लंबे अंतराल से पानी मिलने के बीच भीतरी शहर की संकरी गलियों में टैंकर नहीं पहुंचने से संकट अधिक गंभीर हो रहा है। लोगों को पेयजल जुटाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं। नव निर्वाचित पार्षद इस मुद्दे पर सक्रिय हैं, लेकिन नियमित आपूर्ति और जरूरत के समय वैकल्पिक व्यवस्था की मांग बनी हुई है।

संकट के समाधान में चार मोर्चों पर जरूरत

पंपिंग: वॉल्टेज की समस्या दूर कर स्रोत पर नियमित उत्पादन सुनिश्चित करना।

- भंडारण: टंकियों में पानी की उपलब्धता और वितरण की निगरानी करना।

- अंतिम छोर: भीतरी शहर की गलियों तक टैंकर पहुंचाने के व्यावहारिक विकल्प तलाशना।

- समन्वय: जलदाय और बिजली विभाग के बीच समस्या समाधान की नियमित समीक्षा करना।

वॉल्टेज समस्या के समाधान का प्रयास

मोहनगढ़ हेडवर्क्स पर विद्युत आपूर्ति में वॉल्टेज के उतार चढ़ाव की समस्या निरंतर बनी रहती है। इसके समाधान के लिए वहां स्टेबलाइजर लगवाने की प्रक्रिया की जा रही है। आगामी दिनों में यह कार्य होने से समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकेगा।

- अशोक कुमार मीना, अधिशासी अभियंता, नगरखंड, जलदाय विभाग, जैसलमेर