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नशे का खेल: गुलाब जल की आड़ में बना रहे थे नशा, 1102 किलो सामग्री जब्त

डीआरआई के मुताबिक मुख्य परिसर से करीब 184 किलो अर्धनिर्मित पदार्थ और 582 किलो प्रीकर्सर रसायन मिले। प्रीकर्सर ऐसे रसायन होते हैं जिनका इस्तेमाल नशीले पदार्थ बनाने में किया जा सकता है।
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जालौन

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Amit Vajpayee

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Updated: 31 Oct 2026, 4:11 PM IST

Jalaun Drug Factory Raid

जालौन में ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा (फोटो PIB)

Jalaun Drug Factory Raid: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रामपुरा गांव में गुलाब जल बनाने के नाम पर चल रही एक फैक्ट्री में सिंथेटिक ड्रग्स बनाने की लैब मिलने का खुलासा हुआ है। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर 1,102.88 किलो नशीले पदार्थ, अर्धनिर्मित सामग्री और रसायन जब्त किए। बरामदगी का मूल्य 200 करोड़ रुपए से अधिक होने का दावा किया गया है। इस मामले में हेमेन्द्र कुशवाहा और संतोष को गिरफ्तार किया गया है, जबकि प्लॉट मालिक शैलेन्द्र सिंह पाल की तलाश जारी है।

रामपुरा गांव में अवैध रूप से सिंथेटिक ड्रग्स तैयार की जा रही है। निगरानी के बाद टीम ने फैक्ट्री पर कार्रवाई की। तलाशी में नशीले पदार्थ बनाने के उपकरण, अर्धनिर्मित सामग्री और बड़ी मात्रा में रसायन मिले। इसके बाद आरोपियों के ठिकानों की तलाशी में अतिरिक्त सामग्री बरामद हुई।

फैक्ट्री से घरों तक मिले रसायन

डीआरआई के मुताबिक मुख्य परिसर से करीब 184 किलो अर्धनिर्मित पदार्थ और 582 किलो प्रीकर्सर रसायन मिले। प्रीकर्सर ऐसे रसायन होते हैं जिनका इस्तेमाल नशीले पदार्थ बनाने में किया जा सकता है। आरोपियों से जुड़े ठिकानों की तलाशी में करीब 15.44 किलो तैयार नशीला पदार्थ, लगभग 153 किलो रसायन और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीन बरामद हुई। एक अन्य ठिकाने से करीब 168 किलो अतिरिक्त रसायन जब्त किए गए। इस तरह कुल बरामद सामग्री का वजन 1,102.88 किलो बताया गया है। इसमें पूरी मात्रा तैयार ड्रग्स की नहीं है।

एक महीने पहले शुरू की फैक्ट्री

गांव के परिसर में फैक्ट्री करीब एक महीने पहले शुरू की गई। बाहर से इसे गुलाब जल बनाने की फैक्ट्री दिखाया गया। प्लॉट के चारों ओर बाउंड्री और बड़ा गेट बना दिया। अब एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि फैक्ट्री किसने बनाई और इसके लिए धन कहां से आया। साथ ही रसायनों की आपूर्ति कौन कर रहा था।

सप्लाई नेटवर्क की तलाश

जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि यहां तैयार नशीले पदार्थ किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे और क्या पहले भी किसी खेप की आपूर्ति की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जब्त उपकरणों व रसायनों की जांच के आधार पर एजेंसियां इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।