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पहलगाम में हृदय गति रुकने से अमरनाथ यात्री की मौत, स्वास्थय संबंधी समस्या से बचने के लिए रखे यह सावधानियां

Shri Amarnath Yatra 2019: अमरनाथ यात्रा ( Amarnath Yatra 2019 ) के दौरान ऐसी घटना किसी के साथ भी घट सकती है। श्रद्धालु ख़बर में बताई गई बातों का ध्यान रखे ( Precautions In Amarnath Yatra ) तो वह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बच सकते है।  
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जम्मू

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Prateek Saini

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Updated: 2 Jul 2019, 8:45 PM IST

Shri Amarnath Yatra 2019

Shri Amarnath Yatra 2019

(श्रीनगर): अमरनाथ यात्रा 2019 ( Amarnath yatra 2019 ) सोमवार से विधिवत रूप से शुरू हुई। भारी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर रहे हैं। इसी बीच एक बुरी ख़बर सामने आ रही है। आज यात्रा के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश के एक तीर्थयात्री की पारंपरिक पहलगाम ( Pahalgam ) रास्ते पर पवित्र गुफा की ओर जाते हुए मौत हो गई। दिल की दड़कन रुकना इसकी अहम वजह बताई जा रही है।


अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मेरठ के निवासी 65 वर्षीय कृष्ण कुमार पुत्र आसाराम पवित्र गुफा की ओर जा रहे थे। तभी शेषनाग के पास उन्हें एक बड़ा दिल का दौरा पड़ा। आसाराम को तुरंत ही पास के चिकित्सा केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों की ओर से जांच करने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

''बाबा बर्फानी को लेकर भक्तों के मन में अपार श्रद्धा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर आते है। बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए कठिन रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है साथ ही कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। ऐसी घटना किसी के भी साथ हो सकती है, इसलिए आवश्यक है कि कई सावधानियां रखी जाए ( Precautions In Amarnath Yatra ) जिससे हमे किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो।''


:—अमरनाथ यात्रा में जाने से पहले अधिकृत डॉक्टरों से फिटनेस प्रमाण पत्र लेना जरूरी होता है।

:—अमरनाथ यात्रा मार्ग पर अत्यधिक ठंड होने के कारण हृदय गति रुकने की संभावना अधिक होती है, ऐसे में हार्ट पेशेंटस को सावधानी बरतनी चाहिए।

:—उँचाई होने के कारण वातावरण में ऑक्सीजन और नमी कम होती है। अस्थमा और श्वास संबंधी बिमारियों से ग्रस्त श्रद्धालुओं को चिकित्सक से परामर्श लेकर ही यात्रा पर जाना चाहिए।

:—यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने भी जगह जगह स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई है। अगर किसी भी तरह की दिक्कत आए तो तुरंत चिकित्सकों से सलाह लेनी चाहिए।

ले जाना ना भूले यह चीजें

यात्रियों को अपने साथ वाटर प्रूफ ट्रेकिंग शूज, पर्याप्त ऊनी कपड़े, रेन कोट, गर्म इनर, दस्ताने, विंड चीटर, ऊनी टोपी, मफलर, स्लीपिंग बैग, , छतरियां रखने चाहिए, ऊनी मोजे, जैकेट, ट्राउजर, जिससे उन्हें कोई भी मौसम संबंधित कोई असुविधा ना हो।

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