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जिले में एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टॉक एक माह से खत्म, भटक रहे मरीज

विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को इस दवा की सप्लाई के लिए डिमांड भेजी है, लेकिन सीजीएमएससी इसकी आपूर्ति नहीं कर पा रही है।
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जांजगीर चंपा

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Shiv Singh

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Updated: 1 Apr 2018, 2:21 PM IST

जिले में एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टॉक एक माह से खत्म, भटक रहे मरीज

जांजगीर-चांपा. कुत्ता काटने के लिए लगाए जाने वाली बैक्सीन एंटी रेबीज बेनम का स्टॉक जिले भर में बीते एक माह से खत्म हो चुका है। विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को इस दवा की सप्लाई के लिए डिमांड भेजी है, लेकिन सीजीएमएससी इसकी आपूर्ति नहीं कर पा रही है। ऐसी स्थिति में मरीजों को बाजार से वैक्सीन की खरीदी करनी पड़ रही है। इस दवा की कीमत 260 रुपए से 1300 रुपए तक बताई जा रही है। जिला अस्पताल में जैसे तैसे काम चलाया जा रहा है, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचे मरीज को चलता किया जा रहा है। जिसके चलते कुत्ते काटने से पीडि़त मरीज भटक रहे हैं।

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भीषण गर्मी में कुत्ते काटने की संभावना अधिक रहती है। क्योंकि गर्मी के दिनों में कुत्ते पानी की तलाश में भटकते रहते हैं। वह पानी नहीं मिलने की वजह से वे आक्रामक रहते हैं और आए दिन लोगों पर हमला करते हैं। हमले की वजह से कई लोगों की जान भी चली जाती है। इससे निपटने के लिए सरकार लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराती है। खासकर गरीब वर्ग के मरीजों को यह वैक्सीन नि:शुल्क प्रदान किया जाता है, लेकिन सामान्य वर्ग के लोगों को यह दवा 260 रुपए से लेकर 1300 रुपए तक मिलती है। जिले के शासकीय अस्पतालों में एक माह से एंटी रेबीज वैक्सीन खत्म है। इससे मरीज भटक रहे हैं। उन्हें यह वैक्सीन नि:शुल्क नहीं मिलने से बाजार में महंगे दामों में खरीदनी पड़ रही है।

जरूरत है एक हजार वैक्सीन की
सीजीएमएससी के अफसरों के मुताबिक जिले के ९ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा जिला अस्पताल मिलाकर १ हजार वैक्सीन की जरूरत है, लेकिन बीते माह मात्र सौ वैक्सीन की आपूर्ति हुई है। वह भी चंद घंटों में खत्म हो गई। जिसके चलते मरीज भटक रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में हर रोज तीन से चार कुत्ता काटने के मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन जिला अस्पताल में भी पर्याप्त स्टॉक नहीं होने से मरीजों को भटकना पड़ रहा है।

जिला अस्पताल रेफर हो रहे मरीज
जिले भर में रोज कुत्ता काटने के दर्जनों प्रकरण सामने आ रहे हैं। खासकर ग्रामीण अंचलों में कुत्ता काटने की अधिक शिकायत रहती है। पढ़ाई लिखाई खत्म होने के बाद बच्चे घूमते फिरते रहते हैं और कटखने कुत्ते के शिकार होते हैं। कुत्ता काटने के बाद ग्रामीण अंचल के लोग सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य पहुंचते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन नहीं होने से मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है।

-सीजीएमएससी के स्टॉक में एंडी रेबीज वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया है। इसकी सूचना उपर भेज दी गई है। हाल में इसकी सप्लाई हुई थी- डॉ. वी जयप्रकाश, सीएमएचओ, जांजगीर-चांपा

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