ऐसे में किसान इस इंतजार में थे कि चुनाव का नतीजा क्या होता है। बहरहाल अब स्थिति क् लीयर हो गई है कि इस बार प्रदेश में तख्ता पलट हो गया है, बीजेपी की सरकार बन रही है, अब कर्जमाफी नहीं होगी जिसकी उम्मीद के चलते किसान रूके हुए थे। स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब उपार्जन केंद्राें में धान की बंफर आवक होगी। गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा जिले के 129 उपार्जन केंद्रों के जरिए इस बार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। लेकिन धान खरीदी शुरु होने के 33 दिनों बाद भी 50 उपार्जन केंद्रों में धान की बोहनी तक नहीं हो पाई है। 79 उपार्जन केंद्रों में ही महज 1 लाख 38 हजार 292 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जबकि पिछले साल इसी तारीख तक उपार्जन केंद्रों में दोगुना से ज्यादा धान की आवक हो चुकी थी।