
मौत (फोटो सोर्स : Whatsapp )
CG News: हसदेव नदी में बहे युवती की आखिरकार पांचवे दिन घटना स्थल से 20 किमी दूर लाश मिली। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने राहत की सांस ली है। पिछले 5 दिनों से लगातार 30 से 40 किमी तक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। शव मिलने पर परिजनों ने पहचान की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
ज्ञात हो कि बिलासपुर जिले के दयालबंद निवासी युवक अंकुर कुशवाहा, सरकंडा निवासी युवती स्वर्णरेखा ठाकुर, अशोक नगर का आशीष भोई अन्य दो दोस्तों के साथ शनिवार 4 अक्टूबर को बलौदा क्षेत्र के गांव देवरी पिकनिक स्पॉट पहुंचे थे। शाम को करीब 5 बजे नहाने नदी में उतरे थे। इस दौरान स्वर्णरेखा, अंकुर व आशीष पानी के तेज बहाव में बह गए। एक युवती व एक युवक किसी तरह नदी से बाहर निकल गए। इसके बाद डीडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम तलाश में जुटी।
दूसरे दिन अंकुर का शव 15 किमी दूर मिला। तीसरे दिन आशीष का भी शव घटनास्थल से 15 किमी दूर मिला मगर स्वर्णरेखा का पता नहीं चल पाया था। डीडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम लगातार तलाश करती रही लेकिन उनको चौथे दिन भी सफलता हाथ नहीं लगी। बल्कि अज्ञात महिला की लाश मिल गई।
हालांकि इसको परिजनों ने देखते ही दूसरी महिला का शव होना बताया, शाम को सर्च ऑपरेशन बंद करना पड़ता था। इसी दौरान चौथे दिन माने मंगलवार की रात मछुआरों ने कुदरी बैराज के पास युवती का शव देखा, लेकिन डर के मारे वहां से भाग गए। सुबह डीडीआरएफ की टीम इसकी सूचना दी गई। फिर तत्काल डीडीआरएफ की टीम ने कुदरी बैराज के आगे तलाश शुरू की। साथ ही ड्रोन से भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था।
इसी दौरान घटनास्थल से करीब 20 किमी दूर देवरहा गांव के पास युवती स्वर्णरेखा का शव मिला। शव क्षत विक्षत हालत में होने से तत्काल कपड़े से ढंका गया। फिर परिजनों को बुलाया गया। परिजनों ने पहचान की। इस पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस पांच दिनाें तक एसडीआरएफ व डीडीआरएफ की टीम सर्च अभियान में डटी रही।
देवरी पिकनिक स्पॉट में हर साल दो से तीन जानें जा रही है। बीते पांच सालाें से लगातार मौतें हो रही है। इसको देखते हुए डेंजर जोन का बोर्ड भी लगाया गया है। इसके बावजूद लोग यहां पिकनिक मनाने आते हैं और नहाने के दौरान तेज बहाव व फिसलन जाकर में डूब जाते हैं। अभी आगे ठंड सीजन में पिकनिक का दौर शुरू होगा। ऐसे में जिला प्रशासन को चाहिए कि यहां सती बरते, नहीं तो मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
स्वर्णरेखा के परिजन जिले में ही डेरा डाले हुए थे। मंगलवार को नदी में शव मिलते ही परिजनों के आंसू छलक उठे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
Updated on:
09 Oct 2025 10:31 am
Published on:
09 Oct 2025 10:31 am
बड़ी खबरें
View Allजांजगीर चंपा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
