
Crime News: पुरानी रंजिश को लेकर अपने ही साथी को हाजमा की दवा का झांसा देकर सल्फास खिलाकर जान से मारने वाले दो आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) जांजगीर ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। लोक अभियोजन के मुताबिक, 5 दिसंबर 2020 को पामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसों निवासी तुलेश्वर दिवाकर के घर में दारू मुर्गा की पार्टी रखी गई थी।
तुलेश्वर में पार्टी में अपने साथी भूपेन्द्र कुर्रे, नरेन्द्र कुर्रे पवन दिवाकर व समी सागर को बुलाया था। पार्टी के बाद सभी अपने-अपने घर चले गए। इसके बाद तुलेश्वर ने भूपेन्द्र व उसके भाई नरेन्द्र को उनके घर से फिर बुलाया और भगोलवा तालाब के पास पंप हाउस के किनारे ले गया। जहां तुलेश्वर ने नरेन्द्र को 50 रुपए दिए और पानी पाउच, गुटखा, डिस्पोजलल लेने भेज दिया। इसके बाद तुलेश्वर और शिव प्रसाद बंदे ने भूपेन्द्र को जान से मारने की नीयत से एक गोली खाने को दी जिसे उन्होंने हाजमे की दवा बताई। जिसे भूपेन्द्र ने खा लिया और छटपटाने लगा।
इधर वारदात को छिपाने तुलेश्वर ने उसके पिता विनेश कुमार कुर्रे को बुलाया। जहां से पामगढ़ स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद डॉक्टरों ने भूपेन्द्र ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट में एल्युमीनियम फास्फेट जहर मिलाना मिला। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों से पूछताछ की जिसमें उन्होंने पुरानी रंजिश को लेकर घटना को अंजाम देने स्वीकार किया।
पुलिस ने घटना स्थल पर छिपाए सल्फास का डिब्बा और दो टेबलेट भी बरामद किया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां संपूर्ण साक्ष्य और गवाहों को सुनने के बाद दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश जांजगीर अनिल कुमार बारा ने आरोपियों तुलेश्वर उर्फ छोटू (22 वर्ष) पिता बेदराम दिवाकर और शिव प्रसाद बन्दे (26 वर्ष) पिता रामलाल बन्दे दोनों निवासी भैंसों को भादवि की धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास व 500-500 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक योगेश कुमार गोपाल ने पैरवी की।
Updated on:
27 Apr 2025 10:38 am
Published on:
27 Apr 2025 10:38 am
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