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आधे अधूरे एसएनसीयू यूनिट का सीएम करेंगे लोकार्पण, ढाई करोड़ की लागत से हुआ है निर्माण

माह भर पहले उखड़ गया था सीलिंग
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जांजगीर चंपा

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Shiv Singh

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Updated: 27 May 2018, 6:24 PM IST

माह भर पहले उखड़ गया था सीलिंग

माह भर पहले उखड़ गया था सीलिंग

जांजगीर-चांपा. जिला अस्पताल में एसएनसीयू यूनिट शुरूआती दौर में बदहाली का शिकार हो गया है। जबकि इस आधे अधूरे एसएनसीयू यूनिट का सीएम के हाथों लोकार्पण की तैयारी स्वास्थ्य अमले द्वारा की जा रही है।

बताया जा रहा है कि यहां मानक के अनुरूप सुविधाएं नहीं बन पाई है। हद तो तब हो गई जब माह भर पहले यहां का निर्माणाधीन सीलिंग भर भराकर गिर गया था। शुक्र है इस दौरान इस यूनिट में बच्चे भर्ती नहीं थे नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।

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गौरतलब है कि पिछले दो साल से जिला अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए न्यू स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट की स्थापना कराई जा रही है। इस यूनिट में नवजात शिशु की गहन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इस यूनिट को बनाने में दो साल लग गए, इसके बाद भी यूनिट पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हो पाया है।

बताया जा रहा है कि माह भर पहले निर्माण अवस्था में पीओपी सीलिंग भरभराकर गिर गया। जिससे निर्माण की गुणवत्ता की पोल खुल गई। इतना ही नहीं यहां शिशुओं की गहन चिकित्सा सुविधा के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाए हैं और एक जून को विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री से लोकार्पण की तैयारी की जा रही है। जबकि यहां अभी तक साफ सफाई भी नहीं कराया गया है। जिसके चलते यह यूनिट शुरूआती दौर में विवादों से घिर गया है।


यह सुविधा होना है यूनिट में
सूत्रों के मुताबिक एसएनसीयू यूनिट में नवजात शिशुओं की अत्याधुनिक चिकित्सा पद्धति से इलाज होना है। उनके लिए पूरी तरह से एयरकूल्ड रूम में अत्याधुनिक इलाज सुविधा मुहैय्या कराना है। इतना ही नहीं यहां हर तरह के बीमार नवजात शिशुओं का इलाज होना है।

ताकि कोई भी शिशु को बाहर रेफर करना न पड़े। यहां तक प्री मेच्योर बच्चों का भी यहां सुविधा प्रदान करना है, लेकिन यहां अब तक कुछ भी नहीं हो पाया है। केवल शिशुओं के लिए बेड व चंद एसी लगा दिया गया है। जो अत्याधुनिक चिकित्सा के लिए नाकाफी है।


ढाई करोड़ का बंदरबांट
बताया जा रहा है कि इस यूनिट की स्थापना के लिए तकरीबन ढाई करोड़ रुपए स्वीकृत हुआ है। लेकिन इतनी लागत के हिसाब से खर्च नजर नहीं आ रहा है। यहां जो भी अफसर आया अपनी कमाई का जरिया बनाया है। पहले तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. चंदेल पर अनियमितता का आरोप लगा। इसके बाद डॉ. पीसी जैन पर भी भर्राशाही का आरोप लगा। अब वर्तमान सिविल सर्जन पर भी उदासीनता का आरोप लग रहा है।

पूरी तरह से बनकर तैयार
एसएनसीयू यूनिट पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है। इसमें जो भी कमियां है उसकी पूर्ति की जा रही है। आने वाले विकास यात्रा में इसका लोकार्पण की तैयारी चल रही है।
-डॉ. वी जयप्रकाश, सीएमएमओ

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