
जांजगीर जिला अस्पताल ( Photo - Facebook district Hospital Janjgir )
Chhattisgarh Govt Hospital: छत्तीसगढ़ के जिला अस्पताल में प्रसव के बाद एक प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि समय पर डॉक्टर और स्टाफ उपलब्ध नहीं होने तथा उचित उपचार और रेफर की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण महिला की जान चली गई। वहीं, नवजात बच्चा स्वस्थ बताया जा रहा है।
परिजनों के मुताबिक अफरीद की रहने वाली महिला को 24 सितंबर को प्रसव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद उसकी हालत सामान्य थी और परिवार को भी किसी गंभीर परेशानी की जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का आरोप है कि 25 सितंबर को महिला को एक इंजेक्शन लगाए जाने के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद वह कोमा जैसी स्थिति में चली गई।
परिजनों का दावा है कि महिला की हालत लगातार बिगड़ने के बावजूद समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हुए और न ही उसे किसी बड़े अस्पताल में रेफर किया गया। रात करीब 2.30 बजे महिला ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान डॉक्टर और स्टाफ के मौजूद नहीं रहने से मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। उनका आरोप है कि यदि महिला को गंभीर स्थिति में समय रहते रेफर किया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष और संबंधित अधिकारियों की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी स्तर की चिकित्सकीय लापरवाही थी या नहीं।
Updated on:
28 Sept 2026 12:23 pm
Published on:
28 Sept 2026 12:23 pm
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