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बेलांव हत्याकांड में पूर्व सांसद धनंजय सिंह और तीन अन्य बरी, 15 साल बाद कोर्ट का फैसला

जौनपुर जिले के केराकत क्षेत्र स्थित बेलांव गांव में वर्ष 2010 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में नामजद पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत चारों आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
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जौनपुर

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Prateek Pandey

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Updated: 3 Jul 2025, 4:55 PM IST

dhananjay singh

PC: 'X'

गुरुवार को लंबे समय से लंबित मामले में अदालत ने फैसला सुनाया। इस हत्याकांड में पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत तीन अन्य को बरी कर दिया गया है।

15 साल बाद आया फैसला

दरअसल बेलांव घाट बैरियर के पास एक अप्रैल 2010 की सुबह करीब 5:15 बजे टोल टैक्स को लेकर हुए विवाद में संजय निषाद और नंदलाल निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था और मामला राजनीतिक तूल पकड़ गया था।

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मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह, आशुतोष सिंह, पुनीत सिंह और सुनीत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 20 गवाहों को पेश किया, जिनके बयान दर्ज किए गए। सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों ने अपने-अपने बयान में खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया गया है।

धनंजय सिंह ने राजनीति से प्रेरित बताया था मामला

पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने भी अदालत में दिए गए अपने बयान में कहा था कि उन्हें साजिश के तहत झूठे मामले में लपेटा गया है। उनका दावा था कि यह मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी लाल बहादुर पाल ने गवाहों की गवाही कराई थी, लेकिन न्यायालय को यह गवाही और सबूत इतने सशक्त नहीं लगे कि आरोपियों को दोषी ठहराया जा सके।

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गुरुवार को लंबे समय से लंबित इस मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध करने में असफल रहा। ऐसे में सभी चार आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जाता है। फैसला आते ही पूर्व सांसद के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं, पीड़ित परिवार ने फैसले पर नाराजगी जताई और आगे की कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।