Jhalawar News : प्रदेश के थर्मल पावर प्लांट के साथ ही कालीसिंध थर्मल में गहराए कोयला संकट ने थर्मल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि प्रदेशवासियों को सस्ती बिजली के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर हाल ही में केंद्रीय कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से मिले हैं। झालावाड़ कालीसिंध थर्मल में प्रतिदिन चार रैक की जरूरत है, लेकिन इन दिनों दो ही मिल रही है। प्रदेश में तत्काल 1000 मेगावाट बिजली और 48000 मीट्रिक टन कोयले की जरूरत है। इसी को लेकर उच्च स्तर पर चर्चा की जा रही है। थर्मल पावर प्लांट में एक से चार दिन का ही कोयला बचा है। छत्तीसगढ़ में आवंटित खदान से भी खनन शुरू नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कोयले की कमी से कालीसिंध थर्मल झालावाड़ में बिजली संकट के हालात पनप सकते हैं।