'ये कोई यात्रा बस चलाने का काम नहीं'
पूर्व सीएम राजे ने कहा कि जब मैं पहली बार 1989 में झालावाड़ आई थी, तब यहां रेल सेवा नहीं थी। मेरे भाई माधव राव सिंधिया रेल मंत्री रह चुके थे। मैंने उनसे इस बारे में बात की, तो वो हंसे और बोले कि यह यात्री बस चलाने जैसा काम नहीं है, इसमें काफी वक्त लगता है।