
Jhansi
Jhansi: बुधवार की रात इंस्पेक्टर मोहित यादव थाने के बाहर बिलख-बिलख कर रोने लगें। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिसार निरीक्षक (RI) से छुट्टी मांगने गए थे। RI ने उन्हें लात मारकर बाहर निकाल दिया। इसी बात पर उन्होंने पुलिस बुलाई। पुलिस उन्हें लेकर नवाबाद थाने आई। थाने में शिकायत लिखते वक्त वो जोर-जोर से रोने लगे।
इंस्पेक्टर मोहित यादव ने नवाबाद थाने के बाहर ही बैठ गए। रोते हुए उन्होंने कहा, “मुझे पिछले दो सालों से प्रताड़ित किया जा रहा है। बिना किसी रीज़न के। ये ऑफिस बुला-बुला के बेइज्जती करते हैं। गंदी-गंदी गालियां देती हैं। ये महिला होकर मैडम स्नेहा तिवारी और सुधा मैम महिला होकर ऐसी गाली देती हैं जैसे मर्दाना। कोई गंदा व्यक्ति न देता हो।” जब पुलिस वाले उन्हें वहां से उठाने लगे तो उन्होंने कहा, “हम यही बैठेंगे। हमारा मुकदमा लिख रहे हो या नहीं लिख रहे हो। मेरा मुकदमा लिखो मैं लडूंगा।”
झांसी सिटी एसपी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मोहित 3 नवंबर, 2021 को ललितपुर से प्रशासनिक कारणों से झांसी ट्रांसफर हुए थे। वर्तमान में उन्हें अनुशासनहीनता और विवेचना में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ चार जांचें जारी हैं।
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र तिवारी के अनुसार बुधवार रात को पुलिस लाइन के गणना कार्यालय में मोहित यादव ने RI के साथ बदतमीजी की और मारपीट की। इस संबंध में RI ने तहरीर दी है, जिसके आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। इंस्पेक्टर द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे और बेबुनियाद हैं।
मैनपुरी के निवासी मोहित यादव यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। 2012 में उन्हें मृतक आश्रित कोटे से सब-इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया था। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग झांसी में है, लेकिन निलंबित होने के कारण वे पुलिस लाइन में कार्यरत हैं। मोहित ने आरोप लगाया है कि जानबूझकर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
Updated on:
17 Jan 2025 06:33 pm
Published on:
17 Jan 2025 06:15 pm
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