8 बजे चाय पीकर यह रवाना हो गए
अंधेरा होने पर तीनों ने रात्रि में रुकने की मंशा जताई। मन्दिर में बनी प्रसादी का भोजन करवाया गया। मंदिर के दरवाजे में इनको रात्रि ठहरने का स्थान दिया। रविवार सुबह लगभग 8 बजे चाय पीकर यह रवाना हो गए। महंत ने बताया कि मंदिर में लोग आते जाते रहते हैं, इसलिए उन्हें कोई शंका नहीं हुई। रविवार सुबह घूमने की जगह पूछी। इसके बाद एक ने कहा मनसा माता मंदिर की तरफ जाएंगे व दो ने कहा पहाड़ों में ही कुंडों व अन्य स्थानों पर रहेंगे। वह मंदिर से कुछ दूरी पर ही निकले होंगे तभी गोली चलने की आवाज आई।