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22 साल की सलोनी ने MCom तक की थी पढ़ाई, फिर हुआ कुछ ऐसा की सुख-सुविधा छोड़ बन गईं साध्वी

शोभा यात्रा में दीक्षार्थी सलोनी साधु साध्वी एवं उपस्थित धर्मावलंबी से जाने अनजाने में हुई गलतियों के लिए सभी से क्षमा याचना मांगी
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जोधपुर। पीपाड़ शहर की 22 वर्षीय सलोनी कोठारी भागवती दीक्षा ग्रहण करने के बाद साध्वी नवंगश्री बन गई। पीपाड़ शहर निवासी महावीर-ममता कोठारी की सुपुत्री दीक्षार्थी सलोनी कोठारी के दीक्षा कार्यक्रम के तहत शनिवार को निवास स्थान नागौरी बास से शोभा यात्रा का आयोजन किया गया।

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शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए दीक्षा स्थल जय भवन पहुंची। शोभा यात्रा में दीक्षार्थी सलोनी साधु साध्वी एवं उपस्थित धर्मावलंबी से जाने अनजाने में हुई गलतियों के लिए सभी से क्षमा याचना मांगी। दीक्षा के पश्चात् मुमुक्षु सलोनी कोठारी ने अपने सांसारिक जीवन का त्याग कर संयम पथ पर अंगीकार किया।

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जय भवन में उपाध्याय प्रवर गुणवंतचंद्र महाराज से भागवती दीक्षा ग्रहण करने के बाद नवदीक्षिता साध्वी नामकरण साध्वी नवंग श्रीजी रखा गया। दीक्षार्थी सलोनी कोठारी परिवार की लाड़ली रही है। उन्होंने एम.कॉम. व्यवसाय प्रशासन तक अध्ययन करने के साथ ही धार्मिक शिक्षा में भी अग्रणी रही है। धार्मिक वातावरण का ऐसा प्रभाव पड़ा कि उसने सभी भौतिक सुख-सुविधाएं त्याग कर एक सन्यासी का जीवन बिताने के लिए वैराग्य ले लिया।