
कथित संत आशाराम
कथित संत आसाराम राजस्थान की जोधपुर जेल में सजा काट रहे हैं। आसाराम के लिए राहत भरी खबर है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आशाराम को जेल से छुटकारा मिल जाए। राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार को जोधपुर सेंंट्रल जेल की पैरोल कमेटी को पैरोल नियम 1958 के तहत विचार करने के निर्देश जारी किए हैं। जस्टिस विजय विश्नोई और जस्टिस योगेन्द्र कुमार पुरोहित ने आसाराम की पैरोल याचिका पर दोबारा से विचार करने का निर्देश दिया है। और कहा है कि छह सप्ताह के अंदर इस पर नए सिरे से फैसला करें।
आसाराम ने 20 दिन की मांगी थी पैरोल
आसाराम मौजूदा वक्त में राजस्थान की जोधपुर जेल में सजा काट रहे हैं। आसाराम ने 20 दिन की पैरोल मांगी थी। जिला पैरोल सलाहकार कमेटी ने इस खारिज कर दिया। जिला पैरोल सलाहकार कमेटी ने यह तर्क दिया कि, वह पैरोल रिहाई नियम 2021 के तहत पैरोल के हकदार नहीं हैं। इसके बाद आसाराम ने राजस्थान हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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आसाराम के वकील ने दिया तर्क
आसाराम के वकील कालूराम भाटी ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता 25 अप्रैल 2018 को ट्रायल कोर्ट से दोषी साबित हुआ। जबकि 2021 के नियम 30 जून 2021 को लागू हुए थे। वकील भाटी ने कहा इसलिए आसाराम पैरोल के अधिकारी है। वकील भाटी के तर्क से सहमति जताते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने पुनर्विचार का आदेश जारी किया। अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल जोशी ने पैरोल दिए जाने पर जमकर आपत्ति जताई।
जोधपुर की जेल में बंद हैं आसाराम
आसाराम (81 वर्ष) राजस्थान में अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में जोधपुर की जेल में बंद हैं।
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Updated on:
11 Jul 2023, 8:10 PM IST
Published on:
11 Jul 2023, 7:53 PM IST
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