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Rajasthan Politics: जोधपुर में मेयर-डिप्टी मेयर चुनाव के बाद गहलोत का बड़ा बयान, बोले- जनमत और जन का मन कांग्रेस के साथ

Jodhpur Mayor Election: जोधपुर में मेयर-डिप्टी मेयर चुनाव के बाद गहलोत का बड़ा बयान, बोले- जनमत और जन का मन कांग्रेस के साथ। जोधपुर के चुनाव परिणाम पर गहलोत ने उठाए परिसीमन पर सवाल, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप।
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ashok gehlot said bharatpur mayor candidate forced withdrawing nomination

Rajasthan Politics : कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत। फाइल फोटो पत्रिका

Jodhpur Municipal Election: जोधपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जोधपुर नगर निगम को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान ने राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है। गहलोत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जोधपुर के नवनिर्वाचित पार्षदों, मेयर और डिप्टी मेयर को बधाई दी, लेकिन साथ ही चुनाव प्रक्रिया और परिसीमन को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। जोधपुर में भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता 53 वोट लेकर मेयर निर्वाचित हुए, जबकि कांग्रेस के राजेंद्र सिंह सोलंकी को 47 वोट मिले। इसके अगले दिन भाजपा के विजय सिंह पंवार ने कांग्रेस के अब्दुल करीम जॉनी को चार वोट से हराकर डिप्टी मेयर का पद हासिल किया।

गहलोत ने अपने बयान में दावा किया कि जोधपुर में कांग्रेस को भाजपा की तुलना में करीब 14 हजार अधिक वोट मिले। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद गलत परिसीमन के कारण कांग्रेस कम वार्ड जीत सकी। गहलोत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित तीन-चार वार्डों को मिलाकर एक वार्ड बनाया गया, जबकि भाजपा समर्थित क्षेत्रों में एक वार्ड को दो-तीन वार्डों में बांटा गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि परिसीमन के कारण एक ही परिवार और पति-पत्नी के वोट अलग-अलग वार्डों में चले गए। परिसीमन को लेकर गहलोत की आपत्तियों का उल्लेख चुनावी विश्लेषणों में भी हुआ है।
जोधपुर नगर निगम के चुनाव परिणाम में शुरुआत में भाजपा और कांग्रेस दोनों को 44-44 वार्ड मिले थे। एक वार्ड में तकनीकी समस्या के कारण दोबारा मतदान हुआ, जिसके बाद भाजपा का आंकड़ा 45 और कांग्रेस का 44 हो गया। सदन में 10 निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद भी चुने गए। इसी वजह से मेयर चुनाव से पहले निर्दलीय पार्षदों का समर्थन निर्णायक माना जा रहा था।

मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रसन्नचंद मेहता को 53 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी को 47 वोट मिले। इसके बाद डिप्टी मेयर चुनाव में भाजपा के विजय सिंह पंवार को 52 और कांग्रेस के अब्दुल करीम जॉनी को 48 वोट मिले। इस तरह दोनों प्रमुख पद भाजपा के खाते में गए।

गहलोत ने अपने बयान में दावा किया कि भाजपा सरकार के दबाव और धनबल के बावजूद कांग्रेस का कोई पार्षद नहीं टूटा और कुछ नए साथी भी कांग्रेस के साथ जुड़े। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्षद दल एकजुट होकर सक्रिय विपक्ष की भूमिका निभाएगा और नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में शहर की समस्याओं को उठाएगा।

गहलोत ने राजस्थान के निकाय चुनावों को लेकर भी भाजपा पर पुलिस, प्रशासन और धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाया। ये आरोप गहलोत और कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। दूसरी ओर, चुनाव परिणाम में भाजपा ने राजस्थान के 10 नगर निगमों में से 9 में मेयर पद हासिल किया है।