
जोधपुर। दिल्ली में होने वाली जी-20 बैठक में विभिन्न देशों से आए राष्ट्राध्यक्षों की पत्नियां केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) जोधपुर की ओर से तैयार बाजरे के लड्डूे, खाखरे, मठरी और चकरी का स्वाद चखेंगी। उनको टॉकन ऑफ गिफ्ट के तौर पर भी ये उत्पाद दिए जाएंगे। इस बार जी-20 बैठक में मोटे अनाज पर मुख्य फोकस रहेगा।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) परिसर में लगने वाली प्रदर्शनी में जोधपुर के दो एनजीओ मीरा और गंगा शामिल होंगे। दोनों एनजीओ को काजरी ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के जरिए बाजरे के संवर्द्धित उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया है। फिलहाल चार उत्पाद लड्डू, खाखरे, मठरी और चकरी की ही टेक्नोलॉजी दी गई है। काजरी ने बाजरे की चॉकलेट, कैंडी, बिस्किट भी बनाए हैं, लेकिन अभी इनकी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर नहीं की गई है।
40 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भाग लेंगे
दुनिया की विकसित और तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं वाले 20 देशों के समूह का नाम जी-20 है। इस साल जी-20 बैठक की मेजबानी भारत कर रहा है। जी-20 की मुख्य बैठक 9 व 10 सितम्बर को दिल्ली में होगी। इसमें 20 मुख्य राष्ट्रों के अलावा 20 अन्य राष्ट्रों के अध्यक्षों को भी आमंत्रित किया गया है। कुल मिलाकर 40 देशों के राष्ट्राध्यक्ष होंगे। उनके साथ उनकी पत्नियां (स्पाउस) भी आएगी, जिनके लिए केंद्र सरकार ने विशेष व्यवस्थाएं की है। इसके अंतर्गत पूसा में कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। काजरी की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. प्रतिभा तिवारी ने बताया कि मीरा एनजीओ जोधपुर की लूणी पंचायत समिति के सर गांव की मीरा पटेल का है, जबकि जोधपुर की ही ओसियां पंचायत समिति की नेवरा रोड की कमला बाना गंगा नामक एनजीओ चलाती हैं। दोनों ही एनजीओ को 5 सितम्बर को दिल्ली पहुंचना है, जहां वे अपना स्टॉल लगाएंगे।
Published on:
5 Sep 2023, 10:20 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.