
Bank Strike : प्रतीकात्मक फोटो एआई से बनाया गया है।
Jodhpur : जोधपुर में गर्मी और उमस के बीच आमजन की रसोई से नींबू गायब होने लगा है। भाद्रपद माह में मंडी में नींबू की नई आवक शुरू हो जाती है, जिससे अमूमन कीमतें नियंत्रण में रहती हैं। हालांकि, इस बार मुख्य उत्पादक क्षेत्रों से आवक कम होने और स्थानीय मांग में तेजी आने के कारण नींबू के तेवर तीखे हो गए हैं। रिटेल में नींबू 225 से 250 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है।
जोधपुर में गृहणी जया कुमारी ने सब्जी ठेले पर आकर जब नींबू का दाम पूछा तो सब्जी वाले ने कहा कि 250 रुपए किलो। कीमत सुनकर जया कुमारी आवक रह गई। फिर काफी सोच विचार कर कहा एक नींबू दे दो। 10 रुपए का एक नींबू लेकर उन्होंने सब्जी वाले इस बढ़े हुए रेट के बारे में पूछा तो उसने कहा पीछे से ही नींबू का रेट तेज है।
जोधपुर में सब्जी मंडी कारोबारियों के अनुसार, इस सीजन में नींबू की फसल पर मौसम की अनिश्चितता का भारी असर पड़ा है। ऐन वक्त पर पैदावार प्रभावित होने से मंडियों में रोजाना आने वाली गाड़ियों की संख्या आधी रह गई है। आवक में गिरावट और गर्मी के कारण बढ़ती मांग से कीमतों में तेजी आई है।
एक पखवाड़े पहले तक 80 से 100 रुपए किलो तक बिकने वाला नींबू अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होता दिख रहा है। सब्जी विक्रेता सुनील गहलोत का कहना है कि थोक मंडी से ही माल महंगा मिल रहा है, जिसके चलते उन्हें ऊंचे दामों में बेचना पड़ रहा है। नींबू के महंगा होने का असर अब सड़कों और बाजारों में लगने वाले शिकंजी व जूस के ठेलों पर भी साफ नजर आने लगा है, जहां गिलास के दाम बढ़ा दिए गए हैं।
सुनील गहलोत ने बताया कि अगले दो-तीन हफ्तों में नई फसल की आवक में सुधार नहीं होता, तब तक कीमतों में गिरावट की उम्मीद कम है।
Updated on:
27 Sept 2026 04:40 pm
Published on:
27 Sept 2026 04:32 pm
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