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केरल बाढ़ में फंसे राजस्थान के 15 युवकों को नहीं मिली मदद, केले के पत्ते खाकर कर रहे हैं गुजारा

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जोधपुर

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kamlesh sharma

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Updated: 17 Aug 2018, 8:15 PM IST

केरल

जोधपुर। केरल के एरनाकुलम में बाढ़ में फंसे राजस्थान के 15 युवकों बचाने के लिए शुक्रवार तक कोई भी बचाव दल नहीं पहुंचा। दो दिन से भूखे युवक केले के पत्ते खाकर गुजारा कर रहे हैं। अधिकांश युवक बीमार हैं और एक-एक दिन निकालना मुश्किल हो गया है। इधर चिंतित परिजनों ने केंद्रीय विधि राज्यमंत्री पीपी चौधरी और अतिरिक्त जिला कलक्टर छगनलाल गोयल से मिलकर युवकों को बचाने के लिए बचाव दल भिजवाने की मांग की।

किशोरबाग में रहने वाले सज्जनसिंह ने बताया कि प्रशासन ने केरल प्रशासन से बात कर एसडीआरएफ टीम भिजवाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी सम्पर्क कर मदद मांगी है।

हमें तैरना नहीं आता, मस्जिद में भी 300 लोग फंसे
बाढ़ में फंसे प्रतापसिंह ने बताया कि सभी 15 युवक तीन मंजिला मकान में फंसे हुए हैं। मकान की एक मंजिल पानी में डूब चुकी है। किसी भी युवक को तैरना नहीं आता। उनके मकान से 500 मीटर की दूर स्थित मस्जिद में भी करीब 300 लोग फंसे हुए हैं।

हजारों लोगों के फंसने और संचार व्यवस्था ठप होने के कारण बचाव दल हर जगह नहीं पहुंच पा रहे हैं। क्षेत्रवासी छोटी नावों से लोगों को निकाल रहे हैं। लेकिन छोटी नाव में महज तीन लोगों की जगह होने के कारण राहत कार्य धीमी गति से चल रहा है।

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दस दिन पहले भाई की शादी में जोधपुर आए थे
जोधपुर के निंबा निंबड़ी (मंडोर) में रहने वाला प्रतापसिंह अपने रिश्तेदार राजूसिंह के साथ पिछले 5 साल से केरल के एरनाकुलम में चटाई बनाने का काम करता है। वह भाई की शादी में शरीक होने जोधपुर आया था और दस दिन पहले ही राजू के साथ केरल गया था। उनके साथ नागौर, सीकर के 13 युवक भी बाढ़ में फंसे हुए हैं।