अब राजस्थान के टॉप 40 स्टार्टअप ने अलग-अलग इंवेस्टर्स से 900 करोड़ की राशि जुटाई है। सरकार ने स्टार्टअप के लिए इक्युबेशन सेंटर की परिपाटी 2016 में शुरू की। तभी से इनके रजिस्ट्रेशन भी शुरू हुए। शुरुआती 3-4 साल में इनकी गति काफी धीमी थी। स्टार्टअप के प्रयास भी जयपुर तक ही सीमित थे, लेकिन कोविड और उसके बाद यह तेजी से बढ़ा है। प्रदेश में जो 2100 स्टार्टअप बंद हुए है, उनमें शुरुआती सालों का आंकड़ा ज्यादा है। पिछले दो साल में यह अनुपात काफी कम हुआ है।