8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

1995 में भी दीपावली पर था सूर्य ग्रहण, 25 अक्टूबर को 4 घंटे 4 मिनट रहेगा Surya Grahan का कुल समय

हर साल दीपोत्सव पांच दिवसीय होता है, लेकिन इस बार दीपावली का पर्व 5 दिन की जगह 4 दिन ही मनाया जाएगा। पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत 22 अक्टूबर को धनतेरस के साथ होगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जोधपुर

•

image

Santosh Trivedi

•

Updated: 21 Oct 2022, 3:06 PM IST

photo1666343548.jpeg

जोधपुर/खारिया मीठापुर

Solar Eclipse 2022: हर साल दीपोत्सव पांच दिवसीय होता है, लेकिन इस बार दीपावली का पर्व 5 दिन की जगह 4 दिन ही मनाया जाएगा। पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत 22 अक्टूबर को धनतेरस के साथ होगी। इसके बाद 23 अक्टूबर को रूप चौदस, 24 अक्टूबर को दीपावली मनाई जाएगी। वहीं 25 अक्टूबर को गोवर्धन पूजन, अन्नकूट महोत्सव नहीं मनाया जाएगा। इस दिन Surya Grahan होने से अगले दिन 26 को गोवर्धन पूजा और भाई दूज, यम दोज एक साथ मनाई जाएगी।

यह भी पढ़ें : Eclipse on diwali : इस बार दिवाली पर टूटेगी 150 साल की परंपरा, नहीं होगी गोवर्धन पूजा

यह महोत्सव चार दिन ही रहेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित बालमुकुन्द पारीक ने बताया कि 22 अक्टूबर को धनतेरस पर्व पर शाम 5.51 से दीप प्रज्ज्वलित कर चतुर्थ दिवसीय दीपोत्सव का आरंभ किया जाएगा। शाम 5.51 से रात्रि 7.30 तक लाभ चौघड़िया रहेगा। इस दिन प्रात: से ही सोना, चांदी आभूषण, वाहन, जमीन क्रय-विक्रय किया जाता है। वहीं 23 अक्टूबर को रूप चौदस का पर्व मनाया जाएगा। इस पर्व को रूप चौदस, हनुमान जयंती और काली चौदस आदि नाम से जाना जाता है । 24 अक्टूबर को दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन प्रात: सूर्योदय के साथ ही दीपावली पूजन आरंभ हो जाएगा। इस बार अमावस्या की तिथि का आगमन शाम 5.29 से होगा। इसलिए संध्याकाल के बाद दीपावली पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा।

27 वर्षों के बाद एक बार फिर दीपोत्सव पर ग्रहण का साया रहेगा। संवत 2052 (वर्ष 1995) में दीपावली के दिन सूर्य ग्रहण था। इस बार दीपावली के अगले दिन 25 अक्टूबर को खंडग्रास सूर्य ग्रहण रहेगा। खंडग्रास सूर्यग्रहण शाम 4.27 मिनट से शाम 5.55 मिनट तक रहेगा। सूर्य ग्रहण 1 घंटा 28 मिनट तक दिखाई देगा। खंडग्रास सूर्य ग्रहण का सूतक काल अलसुबह 4.27 बजे से ही प्रारंभ हो जाएगा। सूतक काल में नित्य नैमित्तिक कर्म, संध्या, वंदन, पाठ, पूजन, हवन आदि कर्म किए जा सकते हैं।

यह भी पढ़ें : दिवाली से पहले लगा जोरदार झटका, अचानक एयरपोर्ट पर पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी

पंडित किराडू के अनुसार, ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान व दान का विशेष महत्व है। 25 अक्टूबर को खंडग्रास सूर्य ग्रहण का स्पर्श दोपहर 2.28 बजे प्रारंभ होगा। ग्रहण मोक्ष शाम 6.32 मिनट पर होगा। सूर्य ग्रहण का कुल समय 4 घंटे 4 मिनट रहेगा। इस साल का दूसरा चंद्रग्रहण कार्तिक शुक्ला पूर्णिमा 8 नवंबर को होगा। यह चंद्रग्रहण भारत सहित दक्षिणी-पूर्वी यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, पेसिफिक, अटलांटिक और हिंद महासागर में दिखाई देगा। भारतीय समय अनुसार दोपहर 1.32 बजे से शाम 7.27 बजे तक चंद्रग्रहण रहेगा। इस साल का पहला चंद्रग्रहण 15 व 16 मई को था।