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जोधपुर में अब खुले में शिफ्ट नहीं होगा कचरा

प्रदेश का पहला कॉम्पेक्टर वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन जोधपुर में  
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जोधपुर

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Harshwardhan Singh Bhati

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Updated: 16 Jan 2018, 12:53 PM IST

States first compactor West Transfer Station

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Purnima Bohra

जोधपुर . नगर निगम खुले कचरे से वातावरण में होने वाले दुष्प्रभाव को लेकर गम्भीरता दिखा रहा है। इसके चलते निगम राज्य स्तर पर पहली बार नई योजना लेकर आ रहा है। इसके तहत सब डम्पिंग स्टेशनों को कवर्ड किया जाएगा। कवर्ड रूम में कंटेनर रहेंगे। इससे कचरा सीधा कंटेनर में ही डाला जाएगा। इस कंटेनर को कॉम्पेक्टर माउंटेन ट्रक मुख्य डम्पिंग स्टेशन पर ले जाकर खाली करेगी। योजना से वर्तमान में डम्पर में कचरा ले जाने वाले सिस्टम से निजात मिलेगी। सब स्टेशन पर एकत्र होने वाले कचरे के ढेर भी नजर नहीं आएंगे। सेहत से साथ-साथ शहर की स्वच्छता व सुंदरता भी बनी रहेगी। एेसे होगा कार्य
कॉम्पेक्टर कम वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन शहर में तीन स्थान पर बनेगा। वर्तमान में जहां सबडम्पिंग स्टेशन है, वहां पक्का निर्माण कर कक्ष की तरह तैयार किया जाएगा। इसमें कंटेनर रखने का स्थान होगा। आस-पास से एकत्र कचरा सीधा इस कंटेनर में डाला जाएगा। एक कंटेनर में १२ टन कचरे की क्षमता होगी। कचरा कंटेनर में जाने के बाद एक बटन के माध्यम से कॉम्पेक्टर ऑन किया जाएगा। कॉम्पेक्टर कचरे को दबाकर कंटेनर में स्थान बनाएगा। कंटेनर भरने पर कॉम्पेक्टर माउंटेन ट्रक इसे मुख्य डम्पिंग स्टेशन पर खाली करेगा। योजना के तहत ७ कॉम्पेक्टर व २ ट्रक खरीदेंगे। १ ट्रक ५ ट्रिप करेगा।

४ करोड़ का है प्रोजेक्ट

प्रोजेक्ट में चार करोड़ की लागत आएगी। चार करोड़ में ३ कवर्ड स्टेशन के साथ ७ कंटेनर व २ ट्रक खरीदे जाएंगे। इन सब का संचालन ठेका कम्पनी ही करेगी। ठेका कम्पनी को पांच वर्ष के लिए ठेके पर दिया जाएगा।
२५ प्रतिशत होगी बचत

वर्तमान में शहर के तीनों डम्पिंग स्टेशन से मुख्य डम्पिंग स्टेशन केरू तक कचरा ट्रांसफर करने के लिए जेसीब और डम्पर लगे हुए है। १४ जेसीबी और २६ डम्पर निजी स्तर पर ठेके पर चल रहे हैं। छह डम्पर व ३ जेसीबी है। कुल मिलाकर १७ जेसीबी व ३२ डम्पर काम कर रहे हैं। प्रत्येक पर डेढ़ लाख का खर्च आ रहा है। करीब ६० लाख रुपए महीने के खर्च हो रहे हैं। कॉम्पेक्टर कम वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन योजना के बाद से मासिक खर्च १५ लाख घट कर ४५ लाख हो जाएगा।

५०० टन कचरा रहता है खुले में शहर में तीन सब डम्पिंग स्टेशन पर प्रति दिन ५०० टन कचरा खुले में पड़ा रहता है। तीन मुख्य सब डम्पिंग स्टेशन एक काजरी के पास, जोधपुर जेल के पास व एक प्रताप नगर में स्थित है। प्रताप नगर डम्पिंग स्टेशन पर २०० टन, जेल के पीछे २०० टन व काजरी स्थित डम्पिंग स्टेशन पर १०० टन कचरा एकत्र होता है, वहां से मुख्य डम्पिंग स्टेशन केरू शिफ्ट किया जाता है।


इसी माह टेंडर जारी किया जाएगा। यह योजना राज्य स्तर पर पहली बार जोधपुर में शुरू होगी। टेंडर कम्पनी ५ वर्ष तक इसे संचालित करेगी। ४ करोड़ की इस योजना का बजट आ चुका है। कार्य अगले माह शुरू हो जाएगा।

सम्पत मेघवाल, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम, जोधपुर