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जोधपुर: ‘मुंबई एयरपोर्ट पर फंसी हूं…’, व्हाट्सएप पर आई ‘लंदन वाली गर्लफ्रेंड’ की कॉल और खाते से उड़ गए लाखों

जोधपुर के डांगियावास थाना क्षेत्र के धायलों की ढाणी निवासी भाकरराम से व्हाट्सएप पर खुद को लंदन निवासी बताने वाली महिला ने दोस्ती की। महिला के मुंबई एयरपोर्ट पर फंसने और बाद में 53.90 लाख रुपए वापस लौटाने का झांसा देकर ठगों ने पीड़ित से 2,35,400 ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
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jodhpur cyber crime

जोधपुर में मुंबई एयरपोर्ट पर फंसने की कहानी सुनाकर ठगा (फोटो-एआई)

जोधपुर: व्हाट्सएप पर लंदन निवासी बताकर एक महिला ने जोधपुर जिले में डांगियावास थाना क्षेत्र के धायलों की ढाणी निवासी भाकरराम पुत्र भबूतराम विश्नोई से दोस्ती की। बातचीत के दौरान महिला ने भारत घूमने आने की बात कही और मदद मांगकर उसका भरोसा जीत लिया। इसके बाद ठगों ने महिला के मुंबई एयरपोर्ट पर फंसे होने की कहानी सुनाकर अलग-अलग बहानों से भाकरराम से 2 लाख 35 हजार 400 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। ठगों ने रकम के बदले उसे 53 लाख 90 हजार रुपए वापस मिलने का झांसा दिया था।

व्हाट्सऐप मैसेज से शुरू हुई बातचीत

पुलिस के अनुसार भाकरराम के मोबाइल पर एक अज्ञात महिला का व्हाट्सएप मैसेज आया था। महिला ने खुद को लंदन निवासी बताया और कहा कि वह भारत घूमने के लिए आई है। बातचीत के दौरान उसने मदद की जरूरत बताई। लगातार बातचीत कर महिला ने भाकरराम का विश्वास जीत लिया। इसके बाद ठगों ने इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसे अपने जाल में फंसा लिया।

मुंबई एयरपोर्ट पर फंसे होने की सुनाई कहानी

इसके बाद 1 अक्टूबर को एक अन्य महिला का फोन भाकरराम के पास आया। उसने बताया कि लंदन वाली महिला छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंच गई है, लेकिन किसी परेशानी के कारण वहां फंस गई है। इसके बाद अलग-अलग कारण और जरूरतें बताकर भाकरराम से ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर करवाए गए।

ठगों ने उसे भरोसा दिलाया कि अभी मदद के तौर पर भेजी जा रही रकम बाद में कई गुना होकर वापस मिल जाएगी। 53 लाख 90 हजार रुपए वापस मिलने का लालच देकर उससे अलग-अलग ट्रांजेक्शन करवाए गए। झांसे में आकर भाकरराम ने कुल 2 लाख 35 हजार 400 रुपए ट्रांसफर कर दिए।

पैसे वापस नहीं मिले तो हुआ ठगी का शक

रकम ट्रांसफर करने के बाद भी जब भाकरराम को पैसे वापस नहीं मिले तो उसे ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर पुलिस थाना जयपुर से प्राप्त शून्य नंबर की एफआईआर के आधार पर डांगियावास थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ऑनलाइन लेन-देन और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?

  • सोशल मीडिया या व्हाट्सऐप पर अनजान व्यक्ति की दोस्ती और पहचान पर तुरंत भरोसा न करें।
  • विदेश से आने, एयरपोर्ट पर फंसे होने या किसी इमरजेंसी का हवाला देकर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें।
  • किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी या बैंक डिटेल साझा न करें।
  • रकम वापस मिलने, इनाम, निवेश में भारी मुनाफे या कमीशन का लालच देने वाली बातों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें।
  • पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान और बताई गई स्थिति की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें।
  • अगर साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत बैंक को सूचना देकर लेन-देन रोकने का प्रयास करें और 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।