परिजन को इसका पता लगा तो उन्हें आशंका हुई। वे तुरन्त कायलाना झील पहुंचे। वहां सीसीटीवी कैमरे में विनोद कुमार के पहुंचने की पुष्टि हुई। एक ठेले वाले ने विनोद को झील के दूसरी तरफ वाले हिस्से की ओर जाते देखा। परिजन उधर गए तो झील के किनारे जूते व बोतल दिखाई दिए, लेकिन विनोद का पता नहीं लग पाया। थानाधिकारी डांगा, एएसआई रामपाल, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे और गोताखोर बाबू मालवीय को बुलाया गया, जिसने अन्य गोताखोर के साथ मिलकर तीन-चार घंटे की मशक्कत के बाद शाम को विनोद को बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। शाम होने से शव मोर्चरी रखवा दिया गया।विभागीय मीटिंग में जाने के लिए बहनोई के आग्रह पर ***** ने सुबह दस बजे विनोद कुमार को कार से कायलाना झील के पास छोड़ दिया।