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डिप्रेशन में थे पीडब्ल्यूडी के एईएन और फिर कायलाना में कूदकर की खुदखुशी..

सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक सहायक अभियंता (एईएन) ने मंगलवार को कायलाना झील में कूदकर आत्महत्या कर ली।
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जोधपुर

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Vikas Choudhary

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Updated: 4 Oct 2017, 2:16 PM IST

- आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं

जोधपुर . सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक सहायक अभियंता (एईएन) ने मंगलवार को कायलाना झील में कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या के कारणों का पता नहीं लग पाया है। सूरसागर थाना पुलिस ने शव महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।

थानाधिकारी प्रदीप डांगा के अनुसार बासनी में सरस्वती नगर सेक्टर-बी निवासी विनोद कुमार (५२) पुत्र रामावतार सिंघल पीडब्ल्यूडी की मण्डोर कृषि मण्डी शाखा में एईएन थे। वे सुबह ८.३० बजे घर से निकले और जालोरी गेट ब्रह्मबाग स्थित ससुराल पहुंचे। विभागीय मीटिंग में जाने के लिए बहनोई के आग्रह पर ***** ने सुबह दस बजे विनोद कुमार को कार से कायलाना झील के पास छोड़ दिया।


परिजन को इसका पता लगा तो उन्हें आशंका हुई। वे तुरन्त कायलाना झील पहुंचे। वहां सीसीटीवी कैमरे में विनोद कुमार के पहुंचने की पुष्टि हुई। एक ठेले वाले ने विनोद को झील के दूसरी तरफ वाले हिस्से की ओर जाते देखा। परिजन उधर गए तो झील के किनारे जूते व बोतल दिखाई दिए, लेकिन विनोद का पता नहीं लग पाया। थानाधिकारी डांगा, एएसआई रामपाल, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे और गोताखोर बाबू मालवीय को बुलाया गया, जिसने अन्य गोताखोर के साथ मिलकर तीन-चार घंटे की मशक्कत के बाद शाम को विनोद को बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। शाम होने से शव मोर्चरी रखवा दिया गया।विभागीय मीटिंग में जाने के लिए बहनोई के आग्रह पर ***** ने सुबह दस बजे विनोद कुमार को कार से कायलाना झील के पास छोड़ दिया।

कई दिन से डिप्रेशन में
पुलिस का कहना है कि विनोद की पत्नी नवीता सरकारी विद्यालय में व्याख्याता है। पुत्र व पुत्री बैंगलूरु में पढ़ते हैं। प्रारम्भिक तलाशी में उसके पास कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। एेसे में आत्महत्या के कारणों का पता नहीं लग पाया है। परिजन का कहना है कि वो कई दिन से अवसाद में थे।