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सलमान खान हिरण शिकार केस में आया यह नया मोड़

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान पर लगाए गए हिरण शिकार करने के आरोप में चल रहे केस के सिलसिले में कोर्ट में एक नई बात सामने आई है।  
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जोधपुर

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Harshwardhan Singh Bhati

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Updated: 15 Jan 2018, 8:02 PM IST

salman khan poaching case

sakman khan poaching case

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला के पीठासीन अधिकारी देवकुमार खत्री के समक्ष चल रहे बहुचर्चित काले हिरण शिकार मामले में सलमान खान की ओर से अंतिम बहस सोमवार को भी जारी रही । सलमान खान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने अंतिम बहस के दौरान कहा कि इस हाई प्रोफ़ाइल मामले में अनुसंधान अधिकारी रहे ललित बोड़ा ने एसएफएल रिपोर्ट में अपने हाथ से राइफल की मारक क्षमता सौ मीटर काट कर पांच सौ मीटर कर दी।

बिना घटनास्थल का दौरा किए जांच की औपचारिकता पूरी

बचाव पक्ष ने कहा कि यदि यह संशोधन विधिविज्ञान प्रयोगशाला करती तो उस पर वहां के अधिकारी के लघु हस्ताक्षर होते। उन्होंने कहा कि बोड़ा ने बिना घटनास्थल का दौरा किए जांच की औपचारिकता पूरी कर दी। बोड़ा ने यह भी स्वीकार किया था कि चश्मदीद गवाह पूनमचंद का घर घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर है और तथाकथित घटना रात के दो तीन बजे की बताई गई। सारस्वत ने तर्क दिया कि ऐसे में यह असम्भव है कि रात में किसी व्यक्ति को गोली की आवाज सुनाई दे और वह सीधा मौका-ए-वारदात पर दौड़ा चला आए ।

गवाह बना कर मनमाने के बयान दिलवा दिए

बचाव पक्ष ने कहा कि अनुसंधान अधिकारी ने जानबूझ कर बताए जा रहे घटनास्थल के नजदीकी ढाणियों में रहने वाले ओमाराम और प्रहलादराम को गवाह नहीं बना कर दो किलोमीटर दूर रहते वाले को मैनेज कर चश्मदीद गवाह बना कर मनमाने के बयान दिलवा दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बनाए हुए गवाहों के बयानों के आधार पर सलमान खान को आरोपी नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि एसएफएल को भेजे गए जार में हिरण की खाल और मांसपेशियों के सैम्पल थे ही नहीं , इससे साबित होता है कि अभियोजन की पूरी कहानी झूठी है। समय अभाव के कारण बहस पूरी नहीं हो पाई। मंगलवार को इस मामले की फिर से सुनवाई होगी। वहीं अंतिम बहस के दौरान बचाव पक्ष के अन्य अधिवक्ता केके व्यास, मनीष सिसोदिया व सरकार की ओर से नियुक्त विशिष्ट लोक अभियोजन अधिकारी भवानीसिंह भाटी उपस्थित थे।

हिरणों के शव कोई कैसे मालखाने में रखवा सकता है ?

सारस्वत ने अंतिम बहस के दौरान कहा कि अभियोजन शुरू से ही यही कह रहा है कि तथाकथित शिकार में मारे गए हिरणों के शव घटनास्थल पर ही पोस्टमार्टम कर जमीन में गाड़ दिए थे। जबकि वन्यजीव विभाग के मालखाना रजिस्ट्रार में यह इंद्राज है कि दो काले हिरणों के शव मालखाने में रखे गएे थे। बचाव पक्ष ने कहा कि पूरा मामला संदिग्ध है और सलमान खान बेकुसूर है।