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ट्रेन की छत पर बैठकर यात्रा करने पर लगेगा 25 हजार वोल्ट का करंट, जानिए कैसे

उत्तर पश्चिम रेलवे का इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए रेल मार्गों का विद्युतीकरण किया जा रहा है और जिन स्टेशनों पर विद्युतीकरण कार्य पूरा हो गया है, वहां 25 हजार वोल्ट का करंट प्रवाहित हो रहा है।
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जोधपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 18 Aug 2023, 9:43 AM IST

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फलोदी। इस बार भादवे के महीने में रामदेवरा में भरने वाले रामदेवरा मेले के दौरान जातरू ट्रेन की छत पर बैठकर सफर नहीं कर सकेंगे। मंडल के सभी रेल मार्गों के विद्युतीकरण का कार्य द्रुत गति से चल रहा है और जिन रेल मार्गों पर यह काम पूरा हो चुका है उनमें हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित किया जा चुका है, जो छूने मात्र से जानलेवा साबित हो सकता है। रेलवे उन्हें जान जोखिम में डाल कर ट्रेन की छतों पर यात्रा न करने की सलाह भी दे रहा है।

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इसका सबसे बडा कारण जहां ट्रेन की छत पर यात्रा करना दंडनीय अपराध है, वहीं 25 हजार वोल्ट का प्रवाहित करंट जानलेवा बन सकता है। ऐसे में सतर्कता रहना हर लिहाज से जरूरी है। उत्तर पश्चिम रेलवे का इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए रेल मार्गों का विद्युतीकरण किया जा रहा है और जिन स्टेशनों पर विद्युतीकरण कार्य पूरा हो गया है, वहां 25 हजार वोल्ट का करंट प्रवाहित हो रहा है। इस संबंध में रेल प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए रामदेवरा जाने वाले जातरुओं व अन्य सभी रेल यात्रियों को रेल यात्रा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। गौरतलब है कि जोधपुर मंडल पर सभी रेल मार्गों के विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर है।

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ऐसे में यात्रियों को किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए रेल लाइन पार करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। डीआरएम पंकज कुमार सिंह ने बताया कि जोधपुर मंडल के फलोदी- जैसलमेर रेल मार्ग रामदेवरा मंदिर में भरने वाले मेले में बड़ी संख्या में जातरुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में रेलवे उन्हें जान जोखिम में डाल कर ट्रेन की छतों पर यात्रा न करने की सलाह भी दे रहा है। विद्युतीकृत रेल मार्गों के तारों में 25 हजार वोल्ट क्षमता का करंट प्रवाहित है। ऐसे में किसी कारण से उसके संपर्क मात्र में आने से दुर्घटना घट सकती है। इसके साथ ही पटरी पार करते समय वाहन चालकों को रेलवे क्रॉङ्क्षसग पर लगे बिजली के हाई वोल्टेज तारों का विशेष ध्यान रखना होगा साथ ही अपना वाहन वहां से निकालने के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी।


इन रेल मार्गों की लाइनों में प्रवाहित है करंट
वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर(कर्षण)प्रवीण चौधरी ने बताया कि जोधपुर मंडल के बीकानेर-मेड़ता रोड, लूणी-समदड़ी-बाड़मेर, जोधपुर-भीकमकोर-फलोदी, रतनगढ़-डीडवाना, मकराना-मेड़ता रोड(अप लाइन), मकराना-परबतसर, डीडवाना-डेगाना, मेड़ता रोड-पीपाड़ रोड व समदड़ी-जालोर रेल मार्गों का विद्युतीकरण पूरा करवा लिया गया है और इनमें 25 हजार वोल्ट क्षमता का करंट प्रवाहित है। ऐसे में इसे छूना प्राणलेवा साबित हो सकता है। इसके नीचे स्थित समपार फाटकों से वाहन निकालते वक्त भी इनके संपर्क से वाहन चालकों को पर्याप्त दूरी रखनी होगी।

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