दुर्गेश बिस्सा ने बताया कि पिछले दिनों आरओबी के सभी स्पान का लोडिंग टैस्ट किया गया था। इसमें लगभग सभी ठीक निकले। लेकिन कुल 48 स्पान में से एक के बारे में संबंधित इंजीनियर ठीक से अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं कि वह सुरक्षित है या असुरक्षित। इस पर खंडपीठ ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि अन्य सभी स्पान की तरह इस स्पान के बारे में भी इंजीनियर को निश्चित राय देनी चाहिए। वह इस तरह की राय कैसे दे सकता है। जब यह बताया गया कि जयपुर से विशेषज्ञों की टीम आ रही है, तो एक बारगी खंडपीठ ने अपराह्न 4 बजे या 6 बजे जब भी रिपोर्ट तैयार हो जाए, कोर्ट में पेश करने को कहा।