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बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद पर करण जौहर ने यह दिया स्टेटमेंट, रोहित शेट्टी भी कूदे इस विवाद

बॉलीवुड के स्टार निर्माता निर्देशकों से पत्रिका की बातचीत
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जोधपुर

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Nandkishor Sharma

•

Updated: 9 Jan 2018, 1:09 PM IST

karan johar statement on nepotism in bollywood

karan johar statement on nepotism in bollywood

मुंबई. जोधपुर . फिल्म इंडस्ट्री में लगभग दो दशक पूरे करने वाले निर्माता निर्देशक करण जौहर ने कहा कि डिजिटल और टेलीविजन दोनों ही बहुत बड़े माध्यम बन चुके हैं। आज इसकी पहुंच पहले के मुकाबले नौ गुना दर्शकों तक हो गई है। यदि 30 लाख लोग सिनेमा देखते हैं तो 2.7 करोड़ लोग टेलीविजन देखते हैं। मुंबई के एक पांच सितारा होटल में भारत के सबसे बड़े टेलेन्ट शो 'इंडियाज नेक्स्ट सुपरस्टार्सÓ की लॉन्चिंग के मौके पर करण जौहर ने पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि वर्तमान में डिजिटल और टेलीविजन बहुत बडा माध्यम बनता जा रहा है।

जौहर ने कहा कि इस आधार पर छोटे और बड़े परदे में अंतर नहीं करना चाहिए कि टेलीविजन सिनेमा से अधिक सशक्त माध्यम है। मैं उन लोगों का सम्मान करता हूं, जो टेलीविजन से शोहरत और पैसा कमा रहे हैं। एक बॉलीवुड सुपर स्टार की परिभाषा के बारे में पूछने पर करण ने कहा कि मेरे लिए फिल्म मेकर सुपर स्टार है। सुपर स्टार का खिताब हम हमेशा से ही एक्टर को देते हैं। यह खिताब जरूर देना भी चाहिए। फिल्म इंडस्ट्री में अमिताभ, शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान, अक्षय कुमार , अजय देवगन और ऋत्विक रोशन सभी सुपर स्टार हैं, लेकिन फिल्म मेकर को सुपरस्टार का खिताब कम ही मिलता है। मैं खुद को सुपरस्टार मानने के साथ, रोहित शेट्टी, राजू हीरानी, संजय लीला भंसाली, गुरुदत्त, विमल रॉय, मनमोहन देसाई, राजकपूर को भी सुपरस्टार मानता हूं। फिल्म के निर्देशक ही वास्तविक सुपरस्टार होते हैं। क्यों कि उनके जेहन में फिल्म की कहानी बनती है और वो फिल्म का निर्माण करते हैं। वे फिल्म निर्माण के दौरान हर डिपार्टमेंट को बखूबी से निभाते है। हर डिर्पाटमेंट की कुशलता के बाद बॉक्स ऑफिस पर जो खरा उतरे, वही सुपर स्टार है।

सुपर स्टार की परिभाषा मुश्किल : शेट्टी


बॉलीवुड के स्टार निर्माता निर्देशक रोहित शेट्टी ने सुपरस्टार की परिभाषा पूछे जाने पर कहा कि सुपर स्टार की कोई परिभाषा नहीं होती है। सुंदर दिखने वाला लंबी चौड़ी कद काठी वाला कलाकार जरूरी नहीं कि सुपरस्टार हो। अमिताभ बच्चन व शाहरुख खान जब बॉलीवुड में आए तब उनमें एेसा कुछ भी नहीं था। सुपरस्टार में एक एक्स फैक्टर होता है ,जिसे हम परिभाषित नहीं कर सकते। कलाकार की फिल्मों में लगातार अभिनय कार्यशैली लोग पसंद करने लगते हैं। कलाकार की किसी विशेष अदा, संवाद अदायगी अथवा कोई विशेष अंदाज होता है, जिससे दर्शक प्यार करने लगते हैं।


बॉलीवुड में सीधी एन्ट्री का वादा

भाई-भतीजावाद पर चल रहे विवाद के कारण इंडस्ट्री दो धड़ों में बंट गई है। करण ने उस पर विराम लगाते हुए कहा कि स्टार प्लस पर १३ जनवरी से प्रसारित हो रहे 'इंडियाज नेक्स्ट सुपरस्टार्सÓ शो देश के आम लोगों को बहुत बड़ा मौका और बॉलीवुड और शोहरत की दुनिया में सीधे एंट्री देने का वादा करता है। निर्देशक-निर्माता की यह जोड़ी शो की विजेता जोडिय़ों को अपनी साझेदारी वाली फि ल्म में महत्वपूर्ण भूमिका देते हुए नजर आएंगे।

बॉलीवुड में कैम्प जैसी कोई बात नहीं : करण

फिल्म इंडस्ट्री में निर्माता-निर्देशक के कैम्प के चुनिंदा कलाकारों को ही बार-बार फिल्मों में मौका देने के सवाल पर करण जौहर ने कहा कि बॉलीवुड में कैम्प जैसा बिल्कुल भी नहीं है। भट्ट कैम्प की कहे जाने वाली आलिया भट्ट ने मेरी फिल्मों में काम किया। मेरे कैम्प के कहे जाने वाले सिद्धार्थ मल्होत्रा की हिट तो एकता ने बनाई है। मेरे कैम्प के कहे जाने वाल वरुण धवन निर्देशक डेविड धवन के पुत्र हैं। रोहित शेट्टी की फिल्म में यशराज कैम्प के माने जाने वाले रणवीरसिंह काम कर रहे है। करण ने कहा कि मेरी नजर में तो सिर्फ और सिर्फ एक ही कैम्प होता है और वह है समर कैम्प।