बैंड, बाजा और बारात की रौनक अगले सप्ताह से थम जाएगी। वर्ष 2024 में इस वर्ष की अपेक्षा चार दिन विवाह मुहूर्त कम होंगे। खास बात यह है कि 24 वर्ष बाद मई और जून में एक भी दिन विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा। इसकी वजह दोनों महीनों में शुक्र ग्रह का अस्त होना है। किला रोड महादेव अमरनाथ के पं कमलेशकुमार दवे ने बताया कि शुक्र उदित होने के बाद जुलाई में ही विवाह मुहूर्त शुरू होंगे। ऐसी स्थिति वर्ष 2000 में भी बनी थी, तब भी मई और जून में कोई विवाह मुहूर्त नहीं था। वर्ष 2023 में 81 दिन विवाह मुहूर्त थे, जबकि आगामी नए साल में 77 दिन विवाह मुहूर्त रहेंगे। सबसे ज्यादा शादियों के मुहूर्त फरवरी में 20 दिन रहेंगे।