
संविदा स्वास्थ्यकर्मी भी आंदोलन में शामिल (Photo source- Patrika)
CG News: राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के करीब 16,000 एनएचएम कर्मी बेमुद्दत हड़ताल पर हैं। इसके तहत जिले में भी करीब 655 स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर हैं। मंगलवार को कर्मचारियों ने डिप्टी सीएम अरूण साव, विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का मुखौटा लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप भी लगाए। बुधवार को संघ मिनी स्टेडियम से कलेक्ट्रेट तक महारैली निकालेगा।
उधर, हड़ताल के चलते पूरे जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी वार्ड तक इलाज पूरी तरह ठप है। संस्थागत प्रसव और नवजात शिशु वार्ड बंद हैं। दवाओं की आपूर्ति और पोषण आहार केंद्र में लोगों को मदद नहीं मिल रही। ब्लड शुगर टेस्ट, बलगम जांच, ट्रूनाट, सीबीनाट, नेत्र परीक्षण के लिए मरीज भटकने को मजबूर हैं। टीकाकरण, स्कूल और आंगनबाड़ी स्वास्थ्य परीक्षण ठप है। टीबी, मलेरिया, कुष्ठ रोगियों को दवा नहीं मिल रही।
स्वास्थ्य विभाग की ऑनलाइन एंट्री प्रक्रिया रुक गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के उप स्वास्थ्य केंद्रों में पूरी तरह तालाबंदी हो चुकी है। एनएचएम कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि सरकार ने अगर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन और उग्र होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी हुए बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा।
मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान संघ के जिला संरक्षक रोहित वर्मा, जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा, मीडिया प्रभारी आकाश सिंह ठाकुर, प्रशांत झा, अनीश खान, गौरव सोनी, पवन वर्मा, रवि सोनी आदि मौजूद रहे।
चारामा ब्लॉक के सभी संविदा स्वास्थ्यकर्मी भी इस आंदोलन में शामिल हैं। इससे इलाके की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत 100 दिन में नियमितीकरण का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व की भूपेश बघेल सरकार ने भी 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि की घोषणा की थी, जो आज तक लागू नहीं हुई।
CG News: कर्मचारी 10 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें नियमितीकरण, ग्रेड पे निर्धारण, पब्लिक हेल्थ कैडर, मेडिकल अवकाश, अनुकंपा नियुक्ति जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। हड़ताल के चलते स्वास्थ्य केंद्रों में ताले लग गए हैं। कई केंद्रों में स्टाफ की कमी से मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। संघ का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र कांगे, कोषाध्यक्ष डॉ. उपासना खरे, समीक्षा सिंह, दीपक दर्रो, धनंजय बंसोड़, दिलीप साहू समेत सभी कर्मचारी हड़ताल पर डटे हुए हैं।
Updated on:
20 Aug 2025 04:43 pm
Published on:
20 Aug 2025 04:43 pm
