
कानपुर के हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के भांजे पर रासुका, बिकरू कांड में था अहम रोल
बिकरू कांड को अंजाम देने वाले कानपुर के हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के तमाम सहयोगियों पर योगी सरकार ने नकेल कस रखी है। अब मृतक हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के भांजे आशुतोष त्रिपाठी उर्फ शिव के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की गई है। डीएम कानपुर के निर्देश पर कानपुर देहात की जेल में तामील कराया गया है। आशुतोष त्रिपाठी उर्फ शिव की स्प्रिंग फील्ड रायफल से आठ पुलिसकर्मियों को बेरहमी से मार दिया गया था। स्प्रिंग फील्ड रायफल का लाइसेंस पहले ही रद किया जा चुका है। आशुतोष त्रिपाठी उर्फ शिव चौबेपुर के बसेन का रहने वाला है। वर्तमान समय में वह शिवली में रह रहा है। उसके पास स्प्रिंग फील्ड लाइसेंसी रायफल थी। वह विकास दुबे का भांजा है।
बिकरू कांड में आशुतोष का था अहम रोल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बिकरू कांड के बाद पकड़े गए आरोपित अभिनव उर्फ चिंकू से यह रायफल बरामद की गई थी। विधि विज्ञान प्रयोगशाला से जांच कराई गई तो घटना में स्प्रिंग फील्ड रायफल के इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई। चौबेपुर पुलिस ने जांच कर आशुतोष के खिलाफ रासुका और रायफल निरस्त करने की रिपोर्ट दी थी। डीएम विशाख जी ने बताया कि पुलिस की रिपोर्ट आई थी। आशुतोष के खिलाफ रासुका लगाकर उसे जेल में तामील करा दिया गया है। बहुचर्चित बिकरू कांड में आशुतोष का अहम रोल था।
बिकरू कांड में दो सेमी ऑटोमैटिक राइफल का प्रयोग
पुलिस के अनुसार, वारदात में दो सेमी ऑटोमैटिक राइफल का इस्तेमाल किया गया था। एक विकास के पास थी जो उसके भाई दीपक दुबे के नाम पर थी। दूसरी राइफल शिव तिवारी की थी। इससे एक बार में तीस राउंड फायर होते हैं। जिन पुलिसकर्मियों की हत्या की गई थी, उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला था कि गोलियां इन्हीं रायफलों से मारी गई थीं। विकास के साथ शिव की भूमिका वारदात में मुख्य थी।
Published on:
30 Sep 2022, 12:55 PM IST
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