
Crime
शराब के लिए मां पर कुल्हाड़ी चलाई-
उमेश ने बताया कि सोमवार का दिन था, मां होली के त्योहार के लिए खोवा तैयार
कर रही थी| रामलखन नशे में धुत होकर आया| मां ने कहा, छोटे खाना खाले,
लेकिन उसने कहा मुझे पांच सौ का एक नोट निकल कर दे| मां ने कहा, शराब
ज्यादा हो गई है, बीमार पड़ जाएगा| यह सुन उसका पारा चढ़ गया और कमरे में
रखी कुल्हाड़ी लेकर आया और मां पर कई वार कर दिए| पहले वार में मां का
दयां हाथ कट कर दूर गिरा, दूसरा और तीसरा वार उसने मां के पेट पर किया,
चौथा करता मैं आ गया| मैने शोर मचाया और पड़ोसी आ गए, मेरी जान तो बच गई,
लेकिव मां इस दुनिया से चली गई, एक भाई था वह भी अकेला छोड़कर पूरी जिंदगी
के लिए सलाखों के पीछे चला गया|
पांच साल में 300 सौ से ज्यादा घटनाएं-
कानपुर नगर और देहात में नशे के चलते पांच साल में लगभग तीन सौ घटनाएं हुई
हैं| इनमें से ज्यातर शराब, स्मैक और ड्रग्स के लती अपने ही परिवार पर वार
कर मौत के घाट उतार चुके हैं, तो कईयों ने खुद की जीवन लीला समाप्त कर ली
है| अगर कानपुर नगर और देहात के पांच साल के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो
नशे के लती सबसे ज्यादा युवा हैं, जो नशे की पूर्ति के लिए अपने घर के
लोगों को मौत की नींद सुलाई है| घाटमपुर के कुरियां गांव में छह माह पहले
एक युवक का शव मिला था| पुलिस की पड़ताल में जब मौत का खुलासा हुआ तो
सुनकर ही रौंगटे खड़े हो गए| पत्नी का देहांत हो गया, पिता शराब का लती था| बेटा टेंपो चालाकर जो लाता पिता उससे छीन लेता था| बेटे ने जब पैसे
देने से मना कर दिया तो रात में नशे की हालत में चापड़ से वार कर अपने बेटे
को मौत की नींद सुला दी थी| कातिल पिता जेल में| ऐसे कई मामले हर दिन आते
हैं, जब नशे के लिए नशेड़ी अपनों को ही मौत बांद रहे हैं| मामले पर
एसएसपी शलभ माथुर ने भी चिंता जताते हुए कहा, कि कुछ सालों में नशे के चलते
लूट, हत्या और डकैती जैसी वारदात नशेड़ी कर रहे हैं| थानेदारों के साथ ही
नशे के लती व्यक्ति पर परिवार को भी नजर रखनी चाहिए|
नशा नहीं मिलने से अपनों पर ही खुन्नस-
मनो
के हेड डॉक्टर अनुज तनेजा ने बताया कि नशे की लत भी एक तरह की बीमारी है|
नशेड़ी को जब नशा करने से जो कई बार रोकता है तो वह सबसे ज्यादा उसी पर
खुन्नस रखता है| ऐसे व्यक्ति पर नजर रखें, उसे डांटे या पीटे न। उसके साथ
एक दोस्त जैसा व्यवहार करें| वह जब भी नशे की जिद करे तो उसे मना न करें,
उसे घर में रखकर शराब सहित अन्य नशे की चीजें उपलब्ध कराएं| एक अच्छे
डॉक्टर से सलाह लें और धीरे-धीरे उसे नशे की लत को कम करें| डॉक्टर की
सलाह पर मेडिसिन दें| उसे कभी ऐसा एहसास न होने पाए कि उसके नशा करने से
पूरा परिवार घ्रणा करता है| जब भी वह अकेले हो उसके साथ बात करें|
Published on:
24 Mar 2016 05:09 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
