
कई वर्ष से बसों की कमी झेल रहे रोडवेज के हिण्डौन व करौली डिपो में बस बेड़ा बढ़ने के बाद चालकों का टोटा हो गया। जरुरत के मुताबिक चालक नहीं होने डिपो से प्रस्तावित नए शेड्यूलों पर बस संचालन नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि चालकों के अभाव में कई बसें तो नियमित रूप से डिपो से बाहर निकल सड़क पर सफर नहीं कर पा रही हैं। रोडवेज डिपो में वर्तमान में 93 चालक कार्यरत हैं।
रोडवेज डिपो सूत्रों के अनुसार राजस्थान परिवहन निगम के सुपर एक्सप्रेस ब्लू लाइन खरीदने पर डिपों में बीते महीनों में 15 नई बसों व दूसरी अन्य डिपो से 9 बसें हस्तांतरित होकर मिली हैं। कुल 24 बस आने से डिपो में बसों की संख्या 74 हो गई है। बसों की पर्याप्तता होने से रोडवेज प्रबंधन से बेड़े के अनुरूप नए मार्गों के शेड्यूल प्रस्तावित किए हैं, लेकिन डिपो में पर्याप्त चालक नहीं है।
ऐसे रोडवेज डिपो का बस बेड़ा बड़ा होने के बाद भी बसों का संचालन पूर्व की भांति हो रहा है। रोडवेजकर्मियों ने बताया कि करौली व हिण्डौन डिपो में रोडवेज निगम के 67 चालक हैं, जबकि 19 चालक एजेंसी के माध्यम से नियुक्त है।
सूत्रों के अनुसार रोडवेज डिपो में कार्यरत 93 चालकों में से 15 चालक परिवहन विभाग के बस परिचालन के मापदण्डों के अनुकूल नहीं हैं। ऐसे में स्वास्थ्य कारणों से अनफिट घोषित चालकों से कार्यालय व कार्यशाला में दूसरा कार्य लिया जाता है। ऐसे में 78 चालक ही बसों का संचालन करते हैं।
Updated on:
14 Nov 2024, 3:40 PM IST
Published on:
14 Nov 2024, 3:40 PM IST
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