
प्रतीकात्मक तस्वीर
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/करौली/कोलकाता. पश्चिम बंगाल में जिस महिला को एक दशक पहले मृत मान लिया गया था, वह जिंदा मिली है। एमेच्योर रेडियो क्लब ने उसे राजस्थान के करौली से ढूंढ निकाला। रेडियो क्लब के सचिव अंबरीश नाग विस्वास को एक पत्रकार ने बताया था कि उसके पास इस महिला का फोन आया, जो अपने पिता से बात करना चाहती हैं। जानकारी मिलते ही क्लब के सदस्यों ने महिला से फोन पर बात की और राजस्थान में उसकी लोकेशन का पता लगाया।
रेडियो क्लब के सचिव ने कहा कि महिला जब कथित तौर पर खो गई थी. उस समय किशोरी थी। उसका नाम नजमुनार खातून (अब रूपा मंडल) है। उसका परिवार उत्तर 24 परगना जिले के मिनाखान इलाके में रहता है। रेडियो क्लब के सदस्यों ने महिला की तस्वीर उसके परिवारवालों को भेजी और वीडियो कॉल के जरिए उसे अपने साथ जोड़ा।
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पिता बोले, कुछ दिन में बेटी से मिलने जाएंगे
खातून के पिता जाकिर तरफदार ने बताया कि उनकी बेटी राजस्थान के करौली जिले के पटोना गांव में रहती है। उसने एक हिंदू व्यक्ति से शादी कर ली है। उसके तीन बच्चे हैं। पिता ने कहा कि हमें खुशी है कि हमारी बेटी जीवित है। कुछ दिन में वह बेटी से मिलने जाएंगे।
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स्टेशन पर रोती हुई मिली थी
क्लब के सदस्यों ने राजस्थान में समकक्षों से संपर्क किया। महिला व उसके पति के बारे में अधिक जानकारी के लिए महावीरजी पुलिस से मदद मांगी गई। महिला के पति योगेश कुमार नाहरवाल ने बताया कि उसने खातून को 12 साल पहले नई दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर रोते पाया था। वह जानकारी नहीं दे सकी कि कहां की रहने वाली है। इसलिए वह उसे घर ले आया।।
अच्छी देखभाल
नाहरवाल ने कहा, मैंने और मेरी मां ने खातून की अच्छी देखभाल की। बाद में मां के कहने पर उससे शादी कर ली। मैं साधारण आदमी हूं। मेरे पास, जमीन का छोटा-सा टुकड़ा है, जहां खेती करता हूँ।
Updated on:
11 Sep 2023, 9:58 AM IST
Published on:
11 Sep 2023, 9:55 AM IST
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