
कटनी. कटनी जिले की बरही तहसील में लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि जैसे ही लोकायुक्त की टीम कार्रवाई करने के लिए तहसील कार्यालय में पहुंची तो वहां मौजूद महकमे में हड़कंप मच गया और चंद मिनटों में ही राजस्व महकमा गायब हो गया। रिश्वतखोर बाबू ने फरियादी से जमीन के नामांतरण को लेकर 1 लाख 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
रिश्वत लेते बाबू रंगेहाथों गिरफ्तार
तहसील न्यायालय में रिश्वत लेते पकड़ाए बाबू का नाम उमेश निगम है जिसने जमीन नामांतरण को लेकर फरियादी दिलराज अग्रवाल से रिश्वत 1 लाख 50 हजार रुपए की मांग की थी। फरियादी दिलराज ने बताया कि उसने सिजहरा गांव की अपनी जमीन बेची थी। लेकिन खरीदार ने उसे पूरे रुपये नहीं दिए थे इसलिए उसने नामांतरण रुकवाने के लिए उसने तहसील न्यायालय में अपील की थी। इसी के एवज में उमेश निगम द्वारा रुपयों की मांग की गई थी। जिसकी शिकायत फरियादी दिलराज ने सबूत के साथ जबलपुर लोकायुक्त के साथ की थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त टीम ने रिश्वत के 50 हजार रुपए लेकर फरियादी को रिश्वतखोर बाबू उमेश निगम के पास पहुंचा और रिश्वत के पैसे लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
पटवारी ने भी रिश्वत, मौके से भागा
फरियादी दिलराज सिंह ने बताया कि रिश्वत के इस खेल में पटवारी शिव प्रसाद पाठक भी शामिल था और वो उससे पहले भी 10 हजार रुपए की रिश्वत ले चुका था। लेकिन लोकायुक्त के जाल में फंसने से पहले ही पटवारी मौके से भाग निकला। बताया जा रहा है कि जैसे ही लोकायुक्त की टीम कार्रवाई करने पहुंची तो तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और कुछ ही देर में कार्यालय से राजस्व महकमा गायब हो गया।
Updated on:
10 Mar 2022 09:43 pm
Published on:
10 Mar 2022 09:43 pm
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