
गोलबाजार का जर्जर काम्पलेक्स
कटनी. शहर में लोगों के जर्जर भवनों से हादसे की आशंका को लेकर नगर निगम नोटिस जारी करने से लेकर कार्रवाई तक करता है। खुद के भवनों, दुकानों के हिस्से बारिश मेंं गिर रहे हैं और उससे बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। उसके बाद भी निगम के अधिकारियों को परवाह नहीं है जबकि उन्हीं दुकानों से विभाग को हर साल लाखों रुपये की आय होती है।
शहर के बीचों के बीच गोलबाजार में नगर निगम ने वर्ष 1993-94 में शापिंग काम्पलेक्स का निर्माण कराया था। अलग-अलग भवनों को मिलाकर तीन सैकड़ा से अधिक दुकानों का संचालन काम्पलेक्स में हो रहा है। जिसमें कपड़ा, किराना, फल के साथ अन्य दुकानें शामिल हैं। वर्तमान में सभी शापिंग काम्पलेक्स के ऊपरी हिस्से में बनी दुकानें व बारजा जर्जर हो गया है, जिसमें लगभग 70 दुकानें शामिल हैं। निर्माण के बाद से आज तक भवनों में निगम द्वारा काम न कराए जाने से स्थिति यह है कि आए दिन जर्जर भवन का हिस्से गिरते हैं और उससे लोगों के घायलों होने की आशंका बनी रहती है। बुधवार को भी बारिश के दौरान एक स्थान का हिस्सा गिरा। गनीमत थी कि उस समय नीचे कोई मौजूद नहीं था। इसके अलावा कपड़ा बाजार के ऊपर बनी दुकानों के छत से भी हिस्सा गिरा था।
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600 से एक हजार तक किराया
शापिंग कॉम्पलेक्स में व्यापारी 600 रुपये लेकर 1000 रुपये तक हर माह किराया का भुगतान नगर निगम को करते हैं। इस हिसाब से ऊपरी हिस्से की जर्जर दुकानों से ही हर साल लाखों रुपये निगम को मिलता है। दुकानों व भवन के सुधार के साथ ही पूरे कॉम्पलेक्सों में प्रसाधन व पानी का भी अभाव है और उसी के बीच व्यापारी व्यापार कर रहे हैं। जिसको लेकर कई बार व्यापारी भी ज्ञापन सौंप चुके हैं।
इनका कहना है...
कॉम्पलेक्स पुराना है और उसके काम की जरूरत है। छज्जा का हिस्सा गिरने की जानकारी लगी थी। जिसको लेकर उपयंत्रियों को मौके पर भेजकर जांच करने और जरूरत के हिसाब से काम कराने को कहा गया है।
शशांक श्रीवास्तव, महापौर
Published on:
7 Jul 2019, 8:53 PM IST
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