
Quickly built Transport Nagar and Business Bihar in Katni
कटनी. जिले में आचार संहिता प्रभावी होते ही राजनीति के गलियारों में चुनावी महौल में लोग सराबोर नजर आ रहे हैं। सत्ता में रहे माननीय अपने मुद्दों को लेकर ताल ठोक रहे हैं तो वहीं कई प्रबल उम्मीदवारी को लेकर भी दावेदारी कर रहे हैं। इन सबके बीच शहर का व्यापारी समस्या से कितना आहत है उसके मर्म को समझने वाला अबतक कोई नहीं मिला। शनिवार को पत्रिका टॉक शो में व्यापारियों ने खुलकर अपनी समस्याओं को रखा और कहा कि शहर का विकास तभी संभव है जब व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर, बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था, ट्रैफिक पुलिस की मनमानी पर रोक लगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की तर्ज पर यहां व्यापार बिहार की स्थापना हो ताकि कटनी का जो व्यापार 10 साल पीछे चल गया है व्यापार फिर से खड़ा हो सके। व्यापारी प्रकाशचंद तनवानी ने कहा कि 1980 से ट्रांसपोर्ट नगर की मांग की जा रही है, ताकि शहर से होलसेल मार्केट शिफ्ट हो सके। कपड़ा, किराना, गल्ला और जनरल स्टोर आदि का व्यापार गली-कुलियों में हो रहा बल्कि व्यापारियों को घर पर करने की मजबूरी बनी हुई है। इससे आवागमन बाधित हो जाता है। इससे स्थिति यह बन गई है कि शहर से 70 से 80 फीसदी व्यापार खत्म होने की कगार पर है। इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। व्यापारियों ने कहा कि शहर का व्यापारी अव्यवस्था का दंश झेल रहा है। दिन में बड़े वाहनों के प्रवेश न होने से दिनभर काम ठप रहता है।
यह भी बताई समस्या
ट्रैफिक समस्या के कारण लोडर मौके पर पहुंचते नहीं। घंटाघर में लोडर का स्थान तिलक राष्ट्रीय स्कूल के पीछे कर दिया गया है। जो बचत होलसेल व रिटेलर को होती है वह भाड़े में खप रही है। इससे यह परिणाम हुआ कि कटनी का व्यापार खत्म है और शहर से जुड़ा रिटेल व्यापारी सतना, रीवा, जबलपुर, सिहोरा, पन्ना से जुड़ गया है। ट्रैफिक पुलिस की मनमानी से भी व्यापार प्रभावित हो रहा है। हर दूसरे दिन चालानी कार्रवाई से लोडर संचालक परेशान हैं। व्यापार में लोडिंग-अनलोडिंग की सबसे बड़ी समस्या है। व्यापारी का व्यय बढ़ गया है, जिससे व्यापारी कटनी से मुंह मोड़ रहे हैं।
मिलावट पर लगे प्रतिबंध
व्यापारियों ने कहा कि शहर में कुछ व्यापारी ब्रांडेड सामग्री का व्यापार नहीं कर रहे हैं। मिलावट के कारण भी व्यापार प्रभावित हो रहा है। इस पर तत्काल प्रतिबंध लगना चाहिये। कम तौल पर रोक लगे और व्यापारी को जागरुक रहना पड़ेगा। किराना, कपड़ा का भी थोक कारोबार शहर के बाहर शिफ्ट हो इसके लिए ठोस रणनीति बने। जिस तरह से छत्तीसगढ़ में व्यापार बिहार हब बना है वैसे यहां पर भी होना चाहिये। व्यापारियों ने कहा कि बैंक में जब वे लिमिट बनवाने के लिए जाते हैं तो नजूल की एनओसी मांगी जाती है, लेकिन नजूल शाखा द्वारा व्यापारियों को खास परेशान किया जाता है। अवैध रुपयों की मांग की जाती है, जबकि रजिस्ट्रीशुदा जमीन पर लिमिट के लिए एनओसी के प्रावधान शासन स्तर से तय हैं। लोडर चालकों को जिस तरह से ट्रैफिक पुलिस द्वारा परेशान किया जाता है उस पर तत्काल रोक लगे। इस दौरान किराना व्यापारी संघ संरक्षक विपुल कोटक, प्रकाशचंद तनवानी, प्रतीक कनकने, पंकज त्रिसोलिया, मोहन सचदेवा, मनीष जैन, आशीष कंदेले, संजय बरसैंया, प्रमोद कनकने, मोहन बत्रा, संजय चौदहा, जीवन अग्रवाल आदि की उपस्थिति रही।
Published on:
15 Oct 2018, 11:31 AM IST
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