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इस गांव में नहीं करता कोई अपनी बेटी का ब्याह, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप

आधुनिक संसाधनों के इस युग में मध्यप्रदेश में ऐसा भी एक गांव है, जहां कोई अपनी बेटी का ब्याह नहीं करना चाहता है.
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कटनी

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Subodh Kumar Tripathi

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Updated: 16 May 2022, 9:16 AM IST

इस गांव में नहीं करता कोई अपनी बेटी का ब्याह, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप

इस गांव में नहीं करता कोई अपनी बेटी का ब्याह, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप

कटनी. आधुनिक संसाधनों के इस युग में मध्यप्रदेश में ऐसा भी एक गांव है, जहां के लोग छोटी समस्या के कारण पीढिय़ों से परेशान हैं, गर्मी ही नहीं ये समस्या यहां के लोगों को बारिश और ठंड में सताती है, यही कारण है कि इस गांव में कोई अपनी बेटी का ब्याह नहीं करना चाहता है, आईये जानते हैं, क्या कारण है जिसकी वजह से इस गांव में लोग कदम रखने से भी कतराते हैं।


चट्टानों से गिरती पानी की बूंदें
मध्यप्रदेश के कटनी जिले में एक गांव ऐसा है, जहां पेयजल की कोई सुविधा नहीं है, ऐसे में ग्रामीणों को अपना कंठ तर करने के लिए दूर से सिर पर पानी लेकर आना पड़ता है, आश्चर्य की बात तो यह है कि यहां भी कोई नल, हैंडपंप या कुआ नहीं है, सिर्फ चट्टानों से टपकने वाली पानी की बूंदों से ही काम चलता है, काफी देर तक गिरने वाली पानी की बूंदे जब काफी मात्रा में एकत्रित हो जाती है, तो गांव की महिलाएं किसी लौठे या गिलास से पानी भरकर किसी बड़े बर्तन में पानी भरते हैं, इसके बाद कहीं जाकर पीने के पानी की व्यवस्था होती है, इस प्रकार इस गांव में बूंद बूंद पानी आने की समस्या के कारण यहां दिनभर ही महिलाओं को पानी की जुगाड़ करने में लग जाता है। इस समस्या का हल आज तक नहीं निकला है, जिसकी वजह से लोग इस गांव में आने से बचते हैं यहां तक कि कोई अपनी बेटी का ब्याह भी इस गांव में नहीं करना चाहता है।

पानी भरते-भरते ही निकल जाएगा जीवन
कटनी जिले में एक ऐसा गांव भी है, जहां आज भी सदियों से खाई से चट्टानों से रिसने वाली एक-एक बूंद को एकत्रित कर दूर से पानी ढोने का काम ग्रामीण करने को मजबूर हैं, गांव में पेयजल संकट के कारण दूसरे गांव के लोग यहां अपनी बेटी का ब्याह करने से भी कतराते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि यहां उसका जीवन पानी भरते-भरते ही निकल जाएगा।

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शहर से 65 किलोमीटर दूर है ये गांव
जानकारी के अनुसार कटनी जिला मुख्यालय से महज 65 किलोमीटर दूर बहोरीबंद के रीठी का खुसरा गांव है। यहां सदियों से पानी की समस्या से लोग जूझ रहे है। खुसरा ग्राव में एक महादेव मंदिर के नीचे एक खाई है और इस खाई की चट्टानों से रिसने वाले एक-एक बूंद को एकत्रित कर गांव की महिलाएं व बच्चे दूर से पानी ढोने का काम सदियों से कर रहे है। क्योंकि इस गांव में आज भी नल जल योजना नहीं पहुंची है।