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मौसम में बदलाव, ग्रामीण क्षेत्र में आंधी-तूफान के साथ रिमझिम बारिश, ओले भी गिरे

हवाओं के तेज झोके ने चक्रवात का रुप लेते हुए घर की झप्पर तक हिला डाला
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कवर्धा

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Deepak Sahu

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Updated: 2 Apr 2018, 1:17 PM IST

kawardha weather news

कवर्धा. इंदौरी. गुढ़ा. रविवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली। नगर सहित ग्रामीण अंचल में रिमझिम बारिश के साथ ओले भी गिरे।

हवाओं के तेज झोके ने चक्रवात का रुप लेते हुए घर की झप्पर तक हिला डाला। लगभग 10 मिनट तक चक्रवाती हवाओं का तेज झोंका चलता रहा। जिससे छोटे बढ़े दर्जनों बबुल के पेड़ धरासाई हो गए। इसके बाद इंदौरी सहित क्षेत्र में कडक़डाती बिजली व गर्जना के बीच ओले के साथ बारिश हुई। ग्राम बिटकुली खुर्द, दशरंगपुर, गैंदपुर, गोछिया रामपुर सहित पुरे क्षेत्र भर में रिमझिम बारिश हुई। अचानक बदले मौसम और बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि ने अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है।

मरका और गुढ़ा क्षेत्र में रविवार दोपहर 2 बजे अचानक मौसम ने चने के बराबर ओले और बारिश से मसूर के पौधे जमीन पर बिछ गए हैं। वहीं चना और गेहू के साथ केला के फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। दलहनी फसलें जहां फल के बाद अब काटने के बाद फसल खेतों में ही पड़ा हुआ। कई कई किसान खलिहान तक ला चुके हैं। अचानक हुई बारिश व ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने की स्थिति में हैं। इससे 30 फीसदी नुकसान होने की संभावना है।

केसली के किसान रामनाथ साहू, गंगू चंद्रवंशी, यशवंत साहू, सुरेश चंद्रवंशी ने बताया कि 25 फीसदी रकबे में दलहनी फसलें अभी भी काटने के लिए बचा है। ओलावृष्टि व बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान चने की फसल को हुआ है। फल लग चुके पौधे जमीन से सट गए हैं और जो फसल काटने के बाद बाकि है वह खेत में ही है। यदि दो चार दिन ऐसे ही स्थिति रही तो सारी दलहनी फसलें खत्म हो जाएंगी। बादल बने रहने से चने में इल्ली की समस्या बढ़ जाएगी

केला के साथ दलहन फसलों को नुकसान
अचानक बदले मौसम के चलते ग्रामीण क्षेत्र में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी, जिससे तामरुवा, बानो, कोयलारी सहित आसपास के गांव में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से चना और गेहूं सहित सब्जी की फसल को नुकसान हुआ है।

अंचल के ग्राम फादातोड़ के सिद्धराम चंद्रवंशी ने बताया कि अचानक हुई बारिश से केले के फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं गुढ़ा के किसान मथुरा जोशी के तीन एकड़ की चने की फसल कटाई के बाद खलिहान तक नहीं पहुंच पाई और बारिश की भेंट चढ़ गई। गया साहू ने बताया कि उनके चार एकड़ की गेंहू और 2 एकड़ चने की फसल खलिहान में पर्याप्त कवर नहीं होने से पानी से भींग गई। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभवित होगी।