
समस्या व शिकायत पर ध्यान नहीं, बंद पड़े हैं शिक्षा विभाग के टोल फ्री नंबर
कवर्धा . छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर वनांचल तक के स्कूलों में सब कुछ ठीक नहीं कहा जा सकता है। अध्ययन, अध्यापन कार्य के कार्य से लेकर व्यवस्था में ढेरों खामियां और समस्याएं है। बच्चे पीडि़त है, पालक चिंतित है और शिक्षक भी परेशान है, लेकिन उनकी सिसकियां, दर्द और दिक्कतें सुनने से शिक्षाअधिकारी कतरा रहे हैं। जिला शिक्षा विभाग का टोल फ्री नंबर भी एक छलावा बनकर रह गया है।
स्कूली बच्चे, शिक्षक-शिक्षिकाएं और पालक स्कूल और शिक्षा संबंधी समस्याओं, शंकाओं का त्वरित और समुचित समाधान प्राप्त कर सकें या अपना सुझाव दे सकें। इसके लिए शासन ने हर शिक्षा जिले में टोल फ्री नंबर का प्रावधान किया है, लेकिन कबीरधाम जिले में इसकी घोर अवहेलना की जा रही है। शासन के निर्देश के बाद जिले में टोल फ्री नंबर 18002331249 चालू हुआ, लेकिन इसका प्रचार प्रसार नहीं किया जा रहा है। शुरुआत में इस नंबर का उपयोग भी काफी लोगों ने किया था। लेकिन आज इसका उपयोग छात्रावास, आश्रम व स्कूल में नहीं हो रहा है।
विभाग के टोल फ्री नंबर 18002331249 को चालू किया गया था। इस पर शिकायत दर्ज होते ही तुरंत कार्रवई करने का नियम है। संचानालय के आदेश के तहत जिला शिक्षा अािकारी को तुरंत उस स्कूल में जांच के लिए जाना होगा। इसके बाद मामले की जांच कर कार्रवाई किया जाना भी है। इस प्रकार टोल फ्री नंबर बहुत ही असरदायक होता, मगर यहां सिर्फ कागजी घोषणा बनकर रह गया।
जिस समय टोल फ्री नंबर शुरु हुआ। इसका उपयोग ठीक से होता रहा। लेकिन अब इसका उपयोग नहीं हो रहा है। क्योंकि अब यहां टोल फ्री नंबर बंद पड़ा हुआ है। कुछ दिन पहले नगर के एक छात्रावास के अधिक्षिका से छात्राएं अधिक परेशान थी। लेकिन छात्राएं अपनी समस्या किसी को नहीं बता पा रही थी। जानकारी मिलने पर पालकों ने कलक्टर को अधिक्षिका की शिकायत की। जांच के बाद अधिक्षिका को उस छात्रावास से हटा भी दिया गया। इस प्रकार टोल फ्री नंबर नहीं होने के कारण पालकों व छात्राओं को कलक्टर से गुहार लगानी पड़ी।इसी प्रकार कोई भी समस्या होने पर कलक्टर के पास जाना पड़ता है।
जिले में बच्चों के साथ अन्याय व अत्याचार के मामले समय समय पर उजागर होते रहते हैं। बच्चे किससे और कैसे बात करें, कोई शिक्षक छात्रों की बेदम पीटाई कर देता हैं तो कई छात्राओं को मोबाईल फोन दे देता है। छात्रावासों में भी अधीक्षिकाओं की मनमानी से कई छात्राएं परेशान है। पालकों तक को इसकी शिकायत करनी पड़ती है। इसी प्रकार मध्यान्ह भोजन में दाल की जगह पानी परसो जाता है। यहां सब्जी ही नहीं बनती। बच्चों को पीने के लिए पानी नहीं मिलता। तो कई शिक्षक कभी बच्चों को पढ़ाई ही नहीं कराते हैं। इस प्रकार की परेशानी के बीच छात्र अपना भविष्य गढ़ रहे हैं। कई बालिकाओं के साथ गलत होता है।
कबीरधाम के जिला शिक्षा अधिकारी, सीएस ध्रुव ने बताया पहले टोल फ्री नंबर जारी किया गया था। इसी नंबर का उपयोग परीक्षा के दौरान किया जाता है। इसके कारण वर्तमान में ये नंबर बंद पड़े हैं। बिल जमा नहीं हुआ है। इस नंबर को जल्द ही चालू किया जाएगा।
Published on:
28 Aug 2018, 1:40 PM IST
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