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सावन का पहला सोमवार आज, छत्तीसगढ़ के खजुराहो में होगा अद्भुत रूद्राभिषेक

छत्तीसगढ़ के खजूराहो कहे जाने वाले भोरमदेव में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी हुई है
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कवर्धा

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Deepak Sahu

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Updated: 30 Jul 2018, 10:41 AM IST

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सावन का पहला सोमवार आज, छत्तीसगढ़ के खजुराहो में होगा अद्भुत रूद्राभिषेक

भोले बाबा के पूजन का विशेष सावन माास शनिवार से प्रारंभ हो चूका है। आज सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने मंदिरों में सुबह से पहुंच रहे हैं। इस दौरान जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रूद्राभिषेक से शिवालय सुबह से गुंज रहे हैं।

पौराणिक मान्यता है कि भगवान महादेव श्रद्धापूर्वक जल चढ़ाने से प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं पुरी करते हैं। एेसे में छत्तीसगढ़ के खजूराहो कहे जाने वाले भोरमदेव में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी हुई है। प्रदेशभर से लोग भोरमदेव के दर्शन के लिए आ रहे हैं।

सावन मास शुुरु होते ही भोलेनाथ के जयकारे की गूंज अब सुनाई देने लगे हैं। श्रावण मास के पहले दिन शनिवार को मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी व मंदिर समितियों द्वारा सोमवार की विशेष तैयारी में जुटे रहे।

श्रावण मास के प्रथम सोमवार को छत्तीसगढ़ के खजुराहो भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने पदयात्रा का आयोजन किया जाता है। प्रशासन सहित आम जनता इस पदयात्रा में शामिल होते हैं। जिले में पुरे सावन भर विशेष पूजा अर्चना किया जाता है। वहीं जिलेभर व आस पास के जिले के बोलबम समिति भोरमदेव में पहुंचकर जल अभिषेेक करते हैं। इसके लिए प्रशासन व मंदिर समिति द्वारा विशेष व्यवस्था करती है। कई बोल बम समिति के सदस्य अमरकंटक से जल लेकर नगर के बूढ़ा महादेव मंदिर व भोरमदेव मंदिर के शिवलिंग में अभिषेक करने पहुंचते हैं। जिनके लिए रास्तों में आराम करने व रुकने की व्यवस्था समाजिक संस्था द्वारा किया जाता है। पुरे माह भर जिले में भक्तिमय वातातरण रहता है।

जिले के सुख शांति व समृद्धि के लिए प्रशासन व जिले के लोगों द्वारा नगर के बूढ़ा महादेव मंदिर से भोरमेदव मंदिर तक पदयात्रा निकलती है। जो 18 किमी पैदल चलकर भोरमदेव बाबा तक पहुंचते हैं। इस पदयात्रा में जिलेभर के भक्त व अधिकारी उपस्थित रहते हैं। इस सावन 30 जुलाई सोमवार को पदयात्रा निकलेगी, जिसकी तैयारी प्रशासन व समिति द्वारा किया जा रहा है।

नगर के बूढ़ा महादेव मंदिर, भोरमदेव मंदिर, जालेश्वर महादेव घाट, जुनवानी, रामचुवा, झिरना, आंछी सहित जिले के कई शिवमंदिरों में श्रावण मास में विशेष पूजा अर्चना होती है। इन मंदिरों में पूरे सावनभर भक्तों की भीड़ लगी रहती है। जिलेभर में मेले सा महौल रहता है। इसके कारण पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा तैयारी किए जाते हैं। यहां दर्शन के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जाते हैं। वहीं कांवरियों की अधिक भीड़ लगी रहती है।