31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शर्मिंदगी की इंतहा…मेजबान मप्र की जर्सी पर पेन से लिखे नंबर

20वीं राष्ट्रीय वॉलीबाल प्रतियोगिता...जर्सी से शर्मिंदगी झेलकर भी खेल से जीता दिल।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

खंडवा

•

image

Amit Jaiswal

•

Updated: 4 Jan 2018, 12:38 PM IST

20th National Youth Women and Men volleyball Competition in Khandwa MP

20th National Youth Women and Men volleyball Competition in Khandwa MP

खंडवा. शहर के स्टेडियम ग्राउंड पर चल रही 20वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में मेजबान मप्र की टीम के खिलाड़ी एेसी जर्सी (टी-शर्ट) पहनकर मैदान पर उतरे, जिसमें उनकी पहचान के लिए नंबर पेन से लिखे गए हैं। लाखों रुपए के बजट वाली इस प्रतियोगिता में मेजबान टीम के खिलाडि़यों के लिए ये शर्मिंदगी जैसी स्थिति रही, क्योंकि तमिलनाडु व बिहार जैसे राज्यों से आए खिलाडि़यों की जर्सी भी उनसे अच्छी थी। इधर, गुजरात की लड़कियों की टीम से रोचक स्थिति निकलकर सामने आई है। इसमें आठ खिलाड़ी एक ही गांव सरखड़ी की हैं। इनमें भी पांच एेसी हैं जो रिश्ते में बहन लगती हैं। स्पद्र्धा में एेसे खिलाड़ी भी शिरकत कर रहे हैं जो दो दर्जन से ज्यादा नेशनल सहित इंटरनेशनल स्तर पर खेलकर ब्रिक्स में नाम चमका चुके हैं। गुजरे जमाने के दिग्गज भी इनकी हौसला अफजाई के लिए आए हुए हैं। उप्र, पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु, केरल, कनार्टक, राजस्थान व साई की टीमों ने उत्कृष्ट खेल दिखाया।

जर्सी से शर्मिंदगी झेलकर भी खेल से जीता दिल
नेशनल प्रतियोगिता की मेजबानी मप्र कर रहा है और इस टीम के खिलाडि़यों के पास ही स्तरीय जर्सी नहीं है। बुधवार सुबह जब मप्र और दिल्ली के बीच मुकाबला हुआ तो खिलाडि़यों की इस तरह की जर्सी पर यहां मौजूद दर्शक व खिलाड़ी चर्चाएं करते नजर आए। हालांकि मप्र ने दिल्ली को कड़ी टक्कर दी। लोगों ने खिलाडि़यों का उत्साह भी बढ़ाया। हालांकि जीत दिल्ली की हुई।


...और इन्होंने एेसे दी सफाई
वॉलीबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष रुद्रप्रताप सिंह ने कहा कि हमने जालंधर की निविया कंपनी को जर्सी के लिए ऑर्डर दिया था। सभी खिलाडि़यों को दो-दो जर्सी देते लेकिन जो व्यक्ति ला रहा था वो बीमार होकर दिल्ली में भर्ती हो गया। हमें मजबूरन लोकल स्तर से जर्सी खरीदना पड़ी।

ये भी जानिए...
- 80 लाख रुपए का खर्च प्रतियोगिता पर होना बताया जा रहा है, इसमें नगर निगम के 20 लाख सहित फेडरेशन व अन्य स्पान्सर शामिल।
- 5 हजार दर्शकों के लिए बनाई गई दीर्घा में एक समय में बमुश्किल 50 लोग रहे। खिलाड़ी बैठे तब ही भरी नजर आई।
- चिकित्सा सुविधा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से कुछ खिलाड़ी तो स्टेडियम के बाहर ही मेडिकल से गोली-दवाई लेते दिखे।
- पहले दिन रात डेढ़ बजे तक 24 मैच ही खेले जा सके थे, बुधवार को 47 मैच खेले जाना थे, इसलिए पांचवा कोर्ट शुरू किया गया।