
खंडवा. फोटो एआई
इस बार कम बारिश ने आगामी सीजन के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। औसत से करीब चार इंच बारिश कम होने, ऊपरी बांधों से पानी नहीं आने के कारण इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध अपने एफआरएल तक नहीं पहुंच पाए है। इसका असर विद्युत उत्पादन पर भी देखने को मिल रहा है। जिला बेतहाशा बिजली कटौती की मार झेल रहा है। ग्रामीण अंचलों में तो सात से आठ घंटे तक बिजली कटौती ने आक्रोश बढ़ा दिया है।
इंदिरा सागर के जलाशय को भरने वाले बरगी, तवा बांध से इस बार पानी की आवक भी कम रही। इंदिरा सागर बांध की कुल जल भराव क्षमता 262.13 मीटर है, जबकि वर्तमान में इसका लेवल 261.76 मीटर पर है। इंदिरा सागर परियोजना से पीक ऑवर्स में आठों टरबाईन चलाकर एक हजार मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। जिसके चलते बांध से 1740 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। रविवार से शुरू हो रहे नवरात्र पर्व को देखते हुए बिजली की मांग भी बढ़ी है, जिसके कारण आज से पूरे समय आठों टरबाईन चलाए जाने की संभावना है। ओंकारेश्वर परियोजना की भी चार टरबाईन चल रही है, जिससे 948 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से बिजली कटौती का दौर जारी है, जिसके कारण आक्रोश बढ़ रहा है। दो दिन से जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन का दौर भी जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि 24 घंटे में सात से आठ घंटे बिजली कटौती की जा रही है। दिनभर में 15 से 20 बार बिजली ट्रिपिंग हो रही है। बारिश कम होने से गर्मी भी कहर बरपा रही है, ऐसे में बिजली कटौती ने लोगों को परेशान कर दिया है। नवरात्र में बिजली कटौती से लोगों का आक्रोश चरम पर पहुंच सकता है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बिजली कटौती से किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिलने में एक सप्ताह का समय लग सकता है। विद्युत उत्पादन प्रभावित होने और बिजली की मांग बढऩे के कारण लोड मैनेजमेंट की स्थिति निर्मित हुई है। इसे देखते हुए विद्युत विभाग ने ग्रामीण उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। विभाग का कहना है कि आगामी एक सप्ताह में बिजली आपूर्ति की स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता दिलीप कुमार बुके ने खंडवा जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश और जिले में कम बारिश होने के साथ ही बिजली की मांग में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा हाइड्रो पावर प्लांट और थर्मल पावर प्लांट की कुछ इकाइयों में मेंटेनेंस के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसका असर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता पर पड़ रहा है।
Updated on:
11 Oct 2026 12:12 pm
Published on:
11 Oct 2026 12:12 pm
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